भाई ने दी थी अपहरण की सूचना, प्रेमी संग बस में बहराइच जा रही थीं
आरोपी दोनों युवक हिरासत में, लखनऊ से जारी किया गया था अलर्ट
प्राइवेट बस में दिल्ली से बहराइच जा रहे दो प्रेमी जोड़े यूपी 100 पुलिस ने गढ़वाखेड़ा चौकी के पास पकड़ लिए। पुलिस ने पूछताछ के बाद बरामद लड़कियों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा। इस सफलता के लिए एएसपी ने यूपी 100 पुलिस के लिए इनाम देने का ऐलान किया है।
बुधवार रात दिल्ली के कश्मीरी गेट क्षेत्र निवासी एक युवक ने यूपी 100 लखानऊ को सूचना दी कि 8352 नंबर की प्राइवेट बस में उसकी नाबालिग दो बहनों को बहराइच निवासी दो युवक अगवा करके नेपाल ले जा रहे है। वह काफी दूर से बस का पीछा कर रहा है। इस पर लखनऊ से प्रदेश की समस्त यूपी 100 की गाड़ियों को 8352 नंबर की बस पकड़ने के निर्देश दिए गए। इस पर जिले में चेकिंग शुरू करा दी गई। रात करीब दो बजे 8352 नंबर की बस आसाम चौराहे से होकर गुजरी। इस पर यूपी 100 की दो गाड़ियों ने बस का पीछा किया। उन्होंने वायरलेस पर सूचना दी गढ़वाखेड़ा चौकी के सामने बैरियर लगाकर बस को रोक लिया गया। शिकायतकर्ता से ब्हाट्सएप पर दोनों लड़कियों की फोटो मंगाकर मिलान किया गया। इसके बाद दोनों लड़की को बस से उतार लिया गया। उन्हें ले जाने वाले दोनों लड़कों को हिरासत में लेकर पूरनपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इधर, पूरनपुर थाना प्रभारी सीओ योगेंद्र कृष्ण नरायन ने लड़कियों और युवकों से पूछताछ की। लड़कियों ने खुद के अपहरण की बात गलत बताई। लड़कियों ने बताया कि उनका युवकों से प्रेम प्रसंग चल रहा है। वे शादी करने के मकसद से युवकों के साथ खुद जा रही थीं। लड़कियों की उम्र तजदीक करने को उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
बृहस्पतिवार दोपहर को पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव ने यूपी 100 पुलिस कर्मियों की इस सफलता के लिए सराहना की। साथ ही टीम में शामिल रहे पुलिसर्मियों को ढाई हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की। इस मौके पर सीओ बीसलपुर हरीश भदौरिया, प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कृष्ण नरायन, जिला यूपी 100 प्रभारी केपी सिंह, आरआई घनश्याम सिंह मौजूद रहे।
पीलीभीत यूपी 100 फिर बेहतर
जिला यूपी 100 के लिए पहले ही प्रदेश का मॉडल बन चुका है। अब अलर्ट जारी होने के बाद पूरनपुर में प्रेमी युगल के पकड़े जाने के बाद जिले में यूपी 100 की सक्रियता एक बार फिर उजागर हुई। जिस निजी बस को पकडने के लिए लखनऊ मुख्यालय से अलर्ट जारी किया था, वह गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली जन पद से गुजरकर पीलीभीत पहुंची थी। लेकिन पीलीभीत से पहले उसको कहीं पर भी रोकने या चेकिंग करने की जहमत नहीं उठाई गई।
ये पुलिसकर्मी हुए सम्मानित
अपहरण की सूचना पर जारी अलर्ट के बाद निजी बस को पकडने में सक्रिय भागीदारी निभाने में पीआरपी 2059 के हरपाल सिंह, राहुल यादव, सुरेश चौराहा, पीआरवी 2060 के प्रेम प्रकाश पटेल, परवेंद्र पाल, किशनपाल, पीआरवी 2073 के शर्मा सिंह, धर्मेंद्र पाल, दीपक कुमार, पीआरवी 2086 के शारदा बख्श, दीपक कुमार, सुनील कुमार रहे। सभी को एएसपी ने पुरस्कृत किया।
एक मकान में किराए पर रहते है चारों
बस से हिरासत में लिए गए दोनों युवक व सगी बहनें दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में एक मकान में किराए पर रहते है। पुलिस के अनुसार लड़की का परिवार यूपी के सिद्धार्थनगर का रहने वाला है, लेकिन काफी समय से दिल्ली रह रहा है। इधर बहराइच के निवासी युवक भी दिल्ली में मजदूरी करते है। उनका काफी समय से प्रेम प्रसंग है।
अपहरण की बात पूछताछ में गलत साबित हुई है। प्रेम प्रसंग को लेकर सगी बहनें दोनों लड़को के साथ बहराइच जा रही थीं। वहां वह शादी करने वाले थे। उनकी उम्र को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही थी। इसलिए उनको मेडिकल के लिए भेज दिया गया है। यूपी 100 ने बेहतर काम किया है। मामले में लड़कियों की उम्र का पता लगने के बाद कार्रवाई का रुख तय किया जा सकेगा।
डॉ. रामसुरेश यादव, एएसपी