शनिवार रात लखनऊ से मां पूर्णागिरी जा रहे श्रद्धालुओं की कार पुलिया से
टकरा गई, जिससे कार हवा में उछलकर करीब सौ मीटर दूर झाड़ियों में जा गिरी।
इस हादसे में लखनऊ केचिनहट निवासी 35 वर्षीय नीरज यादव और 32 वर्षीय सुशील
कुमार की मौत हो गई। वहीं चिनहट के 32 वर्षीय प्रद्युम्न सिंह, 28 वर्षीय
तुषार, 32 वर्षीय विवेक गुप्ता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत
खराब होने पर डॉक्टरों ने सभी घायलों को बरेली रेफर कर दिया।
घटना
शनिवार की रात करीब पौने दो बजे असम हाइवे पर गांव खमरिया तिराहा के पास
हुई। लखनऊ के चिनहट निवासी सुशील के बड़े भाई सुनील ने बताया कि पिता
श्रीपाल की कार लेकर सुशील मोहल्ला निवासी नीरज यादव, प्रद्युम्न सिंह,
तुषार और विवेक गुप्ता के साथ शनिवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे घर से
मां पूर्णागिरी के दर्शन को रवाना हुए थे।
कार नीरज चला रहा था। एसआई
जसपाल सिंह ग्वाल ने बताया कि कार की गति काफी तेज थी। जिस वजह से
अनियंत्रित कार पुलिया से टकराने के बाद हवा में उछल कर लुढ़कती हुई घटना
स्थल से करीब सौ मीटर दूर झांड़ियों में जा गिरी। हादसे में कार
क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी
भिजवाया। जहां डॉक्टरों ने नीरज यादव और सुशील को मृत घोषित कर दिया।
वहीं
तीन अन्य घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां से हालत गंभीर होने
पर तीनों को बरेली रेफर कर दिया गया। सुशील के पास मिले पहचान पत्र और
मोबाइल से पुलिस ने उसके घरवालों को सूचना दी है। पुलिस ने दोनों के शव
कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है।
पप्पू के घर का बुझ गया चिराग
पूरनपुर।
हादसे में सुशील और नीरज की मौत की सूचना जब दोनों के घरवालों को मिली तो
उनके घर कोहराम मच गया। मृतक नीरज यादव अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र था।
वहीं दोनों मरने वाले रिश्ते में चाचा-भतीजे लगते थे।
मृतक के परिवार
वालों के साथ सीएचसी पहुंचे लखनऊ के चिनहट निवासी शीतला प्रसाद मिश्र ने
बताया कि सभी कार सवार युवक एक ही मोहल्ले में पास-पड़ोस में रहते थे।
सुशील और नीरज यादव रिश्ते में चाचा भतीजे लगते थे। पप्पू यादव का पुत्र
नीरज अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी दो बहनें है।
सुशील कुमार
अपने तीन भाइयाें में दूसरे नंबर का था। उसका सबसे बड़ा भाई सुनील कुमार
यादव, जबकि छोटा अनिल कुमार यादव है। दो बहनों में सुनीता की शादी हो चुकी
है। अनीता अविवाहित है। सुशील की करीब ढाई साल पहले ही सरिता यादव से शादी
हुई थी। सरिता-सुशील के डेढ़ साल का बेटा भी है।
घायल ने भी घरवालों को दी थी हादसे की सूचना
पूरनपुर।
हादसे के बाद घायल तुषार और विवेक ने रात में ही अपने परिवार वालों को
मोबाइल पर घटना की सूचना दे दी थी। जबकि पुलिस ने सुशील के परिवार वालों को
उसके और उसके की मरने की सूचना को दी।
दस घंटे अस्पताल में पड़े रहे शव
पूरनपुर।
सीएचसी लाए गए घायलों को तो जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन मृतक
नीरज और सुशील के शव सीएचसी मेें रविवार दोपहर एक बजे तक बेड और बेंच पर
पड़े रहे। परिवार वालों के पहुंचने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए पंचनामा
भरने की प्रक्रिया शुरू की।