क्षेत्र के ग्राम जिरौनिया निवासी 45 वर्षीय एक किसान की हार्ट अटैक से
मौत हो गई। परिवार वालों का कहना है कि गेंदनलाल के 10 बीघा खेत में मात्र
छह कुंतल गेहूं निकला। इस सदमे में उसको हार्टअटैक आया और मौत हो गई। किसान
की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
परिवार वालों का कहना है कि
गेंदनलाल ने 10 बीघा ख्रेत में गेहूं की फसल बोई थी। पिछले दिनों बैंक से
लिए ऋण का नोटिस आने पर उसने लोगों से कर्जा लेकर बैंक का ऋण चुकाया था।
उसे उम्मीद थी कि गेहूं की फसल काटकर कर्जा चुका देगा। लेकिन बारिश से उसकी
फसल बर्बाद हो गई। शनिवार को उसने काटी गई फसल की थ्रैशर से गहाई कराई तो
10 बीघा में मात्र छह कुंतल गेहूं निकला। गेहूं देख वह परेशान हो उठा और घर
जाकर लेट गया।
कुछ देर बाद उसकी तबियत बिगड़ गई। घरवाले उसे डॉक्टर के
पास ले जाते उससे पहले मौत हो गई। गेंदनलाल के भाई चोखेलाल ने बताया कि
फसल बर्बाद होने से काफी परेशान था। लोगों का कर्जा उसके ऊपर था जिसे
चुकाने की बात कह रहा था लेकिन उपज देखकर उसे गहरा सदमा लगा जिससे उसकी मौत
हो गई।
मजदूरी कर चलता है परिवार
गेंदनलाल के परिवार में
पत्नी प्रेमादेवी के अलावा एक बेटा कृष्ण कुमार और बेटी शुभलता है। बेटी की
उसने शादी कर दी जबकि 16 वर्षीय बेटा हरियाणा में रहकर मजदूरी करता है। कम
जमीन और कर्जा होने के कारण गेेंदनलाल खेती के अलावा मजदूरी कर अपने
परिवार का भरण पोषण कर रहा था। उसकी मौत से परिवार टूट गया।
पूरनपुर। क्षेत्र के गांव नवदिया सुल्तानपुर निवासी 62 वर्षीय किसान जोगेंद्र सिंह की हार्टअटैक से मौत हो गई। परिवारवालों का दावा है कि गेहूं के कम उत्पादन पर उनको 15 अप्रैल को दिल का दौरा पड़ने से हालत खराब हुई थी। इलाज के दौरान रविवार दोपहर उनकी मौत हुई।
मृतक के भतीजे उपजीत सिंह ने बताया कि उसके ताऊ ने ढाई एकड़ कृषि भूमि में गेहूं बोया था। बारिश और ओलावृष्टि से फसल तबाह हो गई थी। 15 अप्रैल को काटी गई फसल कम निकलने पर उनकी हार्ट अटैक से हालत बिगड़ गई थी। गंभीर हालत में उन्हें जिला मुख्यालय के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। किसान की मौत पर उसके परिवार वालों में कोहराम मच गया।
जोगेंद्र सिंह के परिवार में पत्नी गुरमीत कौर, पुत्र गुरमेल सिंह, कुलवीर सिंह और पुत्री कमलजीत कौर हैं। कमलजीत कौर विवाहित है। उपजीत सिंह ने बताया कि ताऊ की मौत पर हल्का लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने गांव पहुंचकर जांच की। उधर तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने किसान की मौत की सूचना से इंकार किया है।