बाघ हत्या केे मामले में
फरार चल रहे दोनों मुख्य आरोपियों को वनविभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
दोनों के पास से चार किलो हड्डियां बरामद कर शुक्रवार को जेल भेज दिया। इस
बीच वन्यजीव अपराध ब्यूरो के डीएफओ ने भी दोनों से पूछताछ की और घटना स्थल
का भी निरीक्षण किया।
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज टीम ने चार जनवरी को
एसटीएफ की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बाघ हत्या का खुलासा किया
था। आरोपियों ने अपने छह अन्य साथियों के नाम बताए थे, जिसमें तीन आरोपी आठ
जनवरी को और एक आरोपी को 13 जनवरी को बाघ की खाल सहित गिरफ्तार का जेल
भेजा था।
इस मामले में दो मुख्य आरोपी क्रमश: मेनाकोट निवासी कंधई और
पताबोझी निवासी दाताराम फरार चल रहे थे। बराही रेंजर अनिल शाह ने अपनी टीम
की मदद से बृहस्पतिवार शाम कंधई को मेनाकोट के निकट गिरफ्तार कर उसके कब्जे
से बाघ की चार किलो हड्डियां बरामद की हैं। पूछताछ में उसने बताया कि वह
हड्डियों को ठिकाने लगाने के प्रयास में था, इसमें मदद करने के लिए उसका
साथी दाताराम भी आ रहा है।
वनविभाग की टीम ने कंधई की मदद से उसे भी पकड़
लिया। इस बीच बाघ हत्या मामले की जांच को पहुंचे वन्यजीव अपराध नियंत्रण
ब्यूरो के डीएफओ निशांत वर्मा भी दोनों आरोपियों से पूछताछ की और घटना स्थल
का निरीक्षण किया। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को प्रभागीय वनाधिकारी
कार्यालय लाया गया और लिखा पढ़ी के बाद दोनों को जेल भेज दिया।
डीएफओ कैलाश
प्रकाश ने बताया कि अक्तूबर 2014 में बराही रेंज में हुई बाघ के हत्या
मामले में 15 दिन के अंदर सभी नौ आरोपियों को हड्डी और खाल सहित गिरफ्तार
कर जेल भेजा जा चुका है।