टाइगर रिजर्व में शुरू हुआ मछली का अवैध शिकार
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
ठंड की दस्तक के साथ ही टाइगर रिजर्व में मछली का अवैध शिकार शुरू हो गया है। जबकि टाइगर रिजर्व बनने के बाद मछली सहित सभी तरह की नीलामी पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इन मछलियों को स्थानीय बाजारो के अलावा उत्तराखंड सहित पंजाब में सप्लाई किया जा रहा है।
टाइगर रिजर्व बनने के बाद मछली सहित सभी तरह की गौण उपज की भी नीलाम बंद कर दिया गया है। यहां तक मानव के आवागमन पर भी प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन इसके बावजूद ठंड की दस्तक के साथ ही वनकर्मियों की सांठगांठ से मछली का अवैध शिकार शुरू हो गया है। शारदा नदी पर नौजल्हा, गभिया सहराई, रमनगरा, गुन्हान और सिमरा तक तथा वमनी नदी और सीमा से सटे नेपाली क्षेत्र में झीलों में भी मछली का अवैध शिकार हो रहा है। चूंकि इन दिनों बाढ़ से पूर्व सीमा क्षेत्र में एसएसबी बीओपी चौकी लग्गाभग्गा वन व टू दोनों चौकियों के जवान बाढ़ के चलते इस पार बुला लिए गए थे और अभी तक उनको वापस नहीं भेजा गया है। ऐसी ही स्थिति सीमा से सटे नेपाल की शुक्ला फांटा सेंच्युरी की भी है। यहां दोनों क्षेत्रों में मछली का शिकार करने के बाद शारदा नदी के घाटों से इस पार लाया जाता है और स्थानीय हाट बाजारों के अलावा खटीमा व पंजाब सहित अन्य महानगरों में सप्लाई की जा रही है। यही नहीं शिकारी मछली पकडने वाले जालों से जिस तरह से मछलिया पकड़ रहे हैं उससे वन क्षेत्र के कछुओं के भी अवैध शिकार की संभावनाएं बढ़ी है। बताते है कि पंजाब आदि महानगरों में ठंड की दस्तक के साथ ही मछली के शौकीनों की डिमांड बढ़ जाती है। यह मछली काफी ऊंचे दामों में सप्लाई की जा रही हैं।