पीलीभीत जिले के अलग-अलग गांवों के एक किशोर सहित तीन युवकों की संदिग्ध हालत में नोएडा, गाजियाबाद और उत्तराखंड में मौत हो गई। तीनों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके घर पहुंचे तो मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। परिवार वालों ने गमगीन माहौल में तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव रुदपुर निवासी 22 वर्षीय राजू करीब एक साल पहले नोएडा में मजदूरी करने गया था। राजू की शनिवार को नोएडा में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। राजू की मौत की सूचना पर उसके परिवार वाले नोएडा पहुंचे। राजू के परिवार वालों का उसके मकान मालिक से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। नोएडा पुलिस ने घर वालों की सूचना पर पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिया।
घुंघचाई। सांसद आदर्श गांव गुलड़िया भूपसिंह निवासी ओमकार का 17 वर्षीय पुत्र सूरज पखवाड़ा भर पहले गाजियाबाद में अपनी मां से मिलने गया था। सूरज की शनिवार को गाजियाबाद में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उसके पिता ने मकान मालिक पर पुत्र की हत्या करने का शक जताया है। गाजियाबाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव उसकी मां को सौंप दिया। ओमकार ने बताया कि करीब एक साल पहले उनका पत्नी लक्ष्मी देवी से विवाद हो गया था। इसके बाद पत्नी लक्ष्मी पुत्री चांदनी को साथ लेकर गाजियाबाद चली गई और वहीं किराए के मकान में रहकर मजदूरी करने लगी। पुत्र सूरज अक्सर अपनी मां से मिलने गाजियाबाद जाया करता था। पखवाड़े भर पहले सूरज अपनी मां से मिलने गया था, जहां उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शव के साथ आई मृतक की मां लक्ष्मी देवी का कहना है कि सूरज एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गया था। शनिवार की सुबह उसका शव ऊधमनगर में सड़क किनारे पड़ा मिला। उसके मुंह से झाग निकल रही थी।
उधर गांव मदारपुर निवासी मुरलीलाल का 25 वर्षीय पुत्र अमरजीत कई महीने से उत्तराखंड के रुद्रपुर में मजदूरी कर रहा था। चार दिन पहले अमरजीत बीमार हो गया। मुरलीलाल ने बताया कि इसकी जानकारी पुत्र ने उन्हें मोबाइल पर अपने परिवार वालों को दी थी। शनिवार को बीमारी के चलते अमरजीत की रुद्रपुर में मौत हो गई।