आठ साल की दलित बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में बच्ची के पिता को थाने से टरकाने वाले बीसलपुर पुलिस के हेड कांस्टेबल चंद्रपाल पर गाज गिरी है। गुरुवार रात तहरीर लेकर आए पिता को टरकाने के आरोप लगने के बाद अफसरों ने एचसीपी को निलंबित कर दिया है। अफसर भले ही इसे सख्त कदम मान रहे हों, लेकिन सिर्फ एचसीपी पर कार्रवाई किए जाने पर कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुरुवार दोपहर से लापता बच्ची की दुराचार, अप्राकृतिक दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद से पुलिस महकमें में हड़कंप मचा हुआ है। इधर पिता का आरोप था कि गुरुवार रात को ही वह कोतवाली में बच्ची के लापता होने की तहरीर लेकर गया था। जिस पर पुलिस ने उसकी एक न सुनी थी। दूसरे दिन सुबह आकर गुमशुदगी दर्ज कराने की बात कहकर टरका दिया था। मामला आठ साल की बच्ची से जुड़ा होने के बाद भी रात में कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई थी। अमर उजाला ने शनिवार के अपने अंक में इस पहलू को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद से घटना में पुलिस महकमे की खासी किरकिरी हुई। कयास लगाए जा रहे थे कि अफसरों की ओर से बरती गई लापरवाही पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। कार्रवाई हुई भी, लेकिन सिर्फ थाने पर तैनात हेड कांस्टेबल चंद्रपाल पर। शनिवार शाम को एसपी ने एचसीपी को निलंबित कर दिया है। एसपी सभाराज ने बताया कि रात में तहरीर लेकर आए पिता को टरकाने के आरोपी हेड कांस्टेबल पर कार्रवाई करते हुए उसको निलंबित कर दिया गया है।