खेत पर काम कर रही दलित किशोरी से गैंगरेप के मामले में पीड़ित ने मेडिकल परीक्षण कराने से इंकार कर दिया। पीड़ित की मां ने ने पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत अधिकारियों से की जाएगी। बारह दिसंबर को खेत पर काम करने गई जहानाबाद थाना क्षेत्र की दलित किशोरी से गांव के युवक काकू और परविंदर ने दुष्कर्म किया था। जहानाबाद पुलिस मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद भी मामले को छिपाने की कोशिश करती रही। जबकि एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव ने मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कही थी। लापरवाही उजागर होने पर फजीहत के बाद शनिवार को जहानाबाद पुलिस ने किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा। किशोरी के माता-पिता साथ गए थे। जिला महिला अस्पताल पहुंचने पर किशोरी ने मेडिकल परीक्षण कराने से इंकार कर दिया। कई बार कहने के बाद भी किशोरी मेडिकल कराने को राजी नहीं हुई। इसके बाद पुलिस उसे लेकर बैरंग लौट गई। किशोरी की मां का आरोप है कि पुलिस ने परिवारीजनों को जेल भेजने की धमकी देकर मेडिकल न कराने के लिए राजी कर लिया। इसी कारण किशोरी मेडिकल परीक्षण कराने से मुकर रही है। ताकि मुकदमे को आसानी से खत्म किया जा सके। किशोरी के साथ अस्पताल गए एक दरोगा की कार्यप्रणाली को लेकर अफसरों से शिकायत करने की बात कही गई। पीड़ित ने जहानाबाद पुलिस से न्याय न मिलने की उम्मीद जताई है।
पुलिस पर धमकाने का आरोप पूरी तरह निराधार है। किशोरी जब थाने आई थी, उस वक्त भी मुकदमा दर्ज नहीं कराना चाहती थी। मां के दबाव में उसने रिपोर्ट लिखा दी। मुकदमे की विवेचना सीओ करेंगे। मेडिकल न कराने की बात अफसरों को बता दी गई है।
- यतेंद्र बाबू भारद्वाज, इंस्पेक्टर जहानाबाद
किशोरी का मेडिकल कराकर बयान दर्ज कराए जाएंगे। मामला शुरूआत से ही संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। बयान कराने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
डॉ. रामसुरेश यादव, एएसपी