छात्र तनय की हत्या उसी के दो दोस्तों ने की थी। इनमें एक दोस्त को अपनी रिश्तेदार लड़की से तनय के चल रहे प्रेम संबंध का बदला लेना था, और दूसरे दोस्त को रुपये का लालच था। दोनों सस्ते में मोबाइल खरीदवाने का झांसा देकर तनय को साथ ले गए थे। जहानाबाद पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। 30 दिसंबर की सुबह न्यूरिया क्षेत्र के रपटापुल के पास मोहल्ला तखान निवासी छात्र तनय सरीन पुत्र सत्यदेव सरीन का शव मिला था। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। कला काटने से पहले तनय की आंखों में मिर्च पाउडर डाला गया। उसके गुप्तांग भी काटा गया था। सर्विलांस और मोबाइल कॉल डिटेल की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। तनय की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके दो दोस्तों न्यूरिया थाना क्षेत्र के ग्राम चहलोरा निवासी धर्मेंद्र पुत्र प्रेमशंकर व मोहल्ला खकरा निवासी सौरभ मिश्रा पुत्र विष्णु चरन मिश्रा को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह तनय के प्रेम संबंध व रुपये का लालच निकला। मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सीओ जहानाबाद निशांक शर्मा ने बताया कि तनय के आरोपी सौरभ मिश्रा की एक रिश्तेदार लड़की से प्रेम संबंध थे। इसको लेकर सौरभ काफी नाराज था। इधर, दूसरे आरोपी धर्मेंद्र की निगाह तनय के रुपयों पर थी। सौरभ और धर्मेंद्र दोनों ने मिलकर हत्या की प्लानिंग की। तय हुआ था कि हत्या के बाद तनय की जेब से मिलने वाले रुपये धर्मेंद्र रखेगा। 29 दिसंबर 2016 की सुबह एक महंगा मोबाइल काफी कम दाम में खरीदवाने का लालच देकर दोनों आरोपी तनय को अपने साथ ले गए। चंदोई गांव में एकत्र होने के बाद पहले दियूनी डैम, फिर धनकुना और अंत में मझोला में शराब पी। तनय को पूरी तरह से नशे में धुत करने के बाद उसे रपटापुल पर ले गए। जहां रात करीब साढ़े आठ बजे आंख में मिर्च झोंकने के बाद बांके से गला रेत दिया। तनय की जेब से सिर्फ दो हजार रुपये की निकले, जिस पर धर्मेंद्र ने उसकी बाइक भी ले ली। मोबाइल लेकर सौरभ पीलीभीत चला गया। धर्मेंद्र ने एक रात बाइक गौरीशंकर मंदिर परिसर में खड़ी की थी। दूसरे दिन बाइक लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी तहसील में खड़ी कर लौट आया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल बांका, लूटा गया मोबाइल, बाइक बरामद कर लिया।
धर्मेंद्र के मुंहबोले मामा ने दिया था बांका
पहले से ही तनय की हत्या का प्लान बना चुके दोनों आरोपी अपने साथ कोई असलहा नहीं ले गए थे। उसको नहर में फेंकने की प्लानिंग थी, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण दियूनी डैम के पास सफल नहीं हो सके। इसके बाद धर्मेंद्र ने अमरिया क्षेत्र के रहने वाले अपने मामा ओमकार से बांका लिया, जिससे हत्या की गई। पुलिस ने हत्या में ओमकार को भी आरोपी बनाया है। उसकी धरपकड़ नहीं हो सकी है।
पुलिस टीम को मिला पांच हजार ईनाम
ब्लाइंड हत्याकांड का 72 घंटे के भीतर खुलासा करने पर एसपी सभाराज ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित किया है। टीम में सीओ जहानाबाद के अलावा इंस्पेक्टर न्यूरिया मोहम्मद कासिम, एसआई सत्यपाल सिंह, सुशील कुमार, कांस्टेबल रामदुलारे, राजन चौधरी, तारकेश्वर, सुखवीर थे।
परिवार को ढांढस बंधाने जाता रहा धर्मेंद्र
आरोपी धर्मेंद्र मृतक के साथ ही बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था। इसी कारण उसका घर आना-जाना भी रहता था। घटना के बाद कार्रवाई की दिशा को जानने के लिए वह परिवार के करीब रहा। ढांढस बंधाने के बहाने घर आकर हाल-चाल लेता रहा।
शहर की एक अन्य हत्या भी कबूल की
पूछताछ के दौरान पकड़े गए हत्यारोपी ने शहर में एक और हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है, लेकिन घटना को लेकर अधिक जानकारी नहीं दे पा रहे है। ऐसे में पुलिस अब उनको रिमांड पर लेकर दुबारा पूछताछ करेगी। शहर के दोनों थानों से भी संपर्क कर हत्या की पुरानी वारदातों का ब्योरा लिया जा रहा है।