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अविवाहित-नशेड़ी मासूमों को  बना रहे हैवानियत का शिकार

Mon, 07 Mar 2016 11:42 PM IST
पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
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rape - फोटो : Demo
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जिले में छह साल से लेकर 15 साल की किशोरियों के साथ लगातार रेप के मामले सामने आ रहे हैं। अब तक रेप के बाद हत्या की दो महीने में तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं को अविवाहित, मंदबुद्धि और नशेड़ी लोगों ने अंजाम दिया है। पुलिस स्टडी में इन बढ़ी घटनाओं के पीछे सामाजिक जागरूकता की कमी और परिवार वालों का बच्चों के प्रति लापरवाह होना पाया गया है। 
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जनवरी 16 में थाना उत्तरी सेहरामऊ क्षेत्र में 10 वर्षीय बालिका को अविवाहित एक अधेड़ ने अपनी हवस का शिकार बनाया और बाद में उसकी हत्या कर दी। दूसरी वारदात 10 दिन पहले थाना माधोटांडा क्षेत्र में हुई थी। यहां पर भी एक अविवाहित युवक ने 11 वर्षीय बालिका से बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी थी। बालिका का शव उसके घर के पास ही एक खाली पड़े प्लॉट की झाड़ियों में मिला था। रविवार की रात एक शराबी ने आठ वर्षीय बालिका के साथ दरिंदगी की और उसे मार डाला। हफ्ते भर पहले शहर कोतवाली क्षेत्र में नानी के घर जा रही एक छह वर्षीय बालिका के साथ अज्ञात युवक ने दरिंदगी की। बच्ची करीब पांच दिन बरेली के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझती रही। इस घटना को यदि छोड़ दें तो अन्य तीनों घटनाओं का पुलिस लगभग खुलासा कर चुकी है। आरोपी सीखचों के पीछे हैं। इन घटनाओं में शामिल आरोपी अविवाहित और नशेड़ी किस्म के निकले। 
एसपी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस की केस स्टडी में यह बात सामने आ रही है कि खासतौर पर मासूमों के साथ हैवानियत करने वाले दरिंदे खुराफाती, शराबी प्रवृत्ति के हैं। इसके लिए सामाजिक जागरूकता की जरूरत है। वहीं अभिभावकों को भी इसके लिए सजग होना चाहिए। इस किस्म के लोगों और अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। सीओ जहानाबाद निर्मल कुमार सिंह कहते हैं कि खेलते, स्कूल आते-जाते समय लोगों को अपने बच्चों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। यदि बच्चा देर से घर लौटता है तो उस पर अभिभावकों को अंकुश लगाना चाहिए। सामाजिक जागरूकता और अभिभावकों की सजगता से ही मासूमों के साथ होने वाली इन घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है। एसपी ने बताया कि वह सभी थानेदारों को गांव में ऐसे खुराफाती और अविवाहित लोगों को चिन्हित करने और उन पर नजर रखने के निर्देश पहले ही दे चुके हैं। जिस पर काम चल रहा है।
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