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बकाया किस्त जमा करने गया युवक अगवा

Thu, 10 Sep 2015 12:15 AM IST
पूरनपुर/घुंघचाई (पीलीभीत)।
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ट्रैक्टर एजेंसी पर किस्त के बकाया रुपये देने गए क्षेत्र के गांव मटेहना निवासी 18 वर्षीय संतोष का बुधवार को अपहरण कर लिया गया। संतोष ने दोपहर पौने दो बजे अपनी विवाहित बहन को फोन कर खुद के अगवा होने की जानकारी दी। पिता परशुराम के अनुसार उनके इकलौते पुत्र का अपहरण रंजिश में किया गया है। इधर, पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है और उसने गुमशुदगी का ही मामला दर्ज किया है।
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परशुराम ने बताया कि उन्होंने एक ट्रैक्टर एजेंसी से लोन पर खरीदा था। मंगलवार को उनका पुत्र संतोष किस्त के 29 हजार रुपये जमा कर आया था, किस्त के बाकी छह सौ रुपये वह बुधवार सुबह नौ बजे जमा करने बाइक से पूरनपुर गया था। इसके बाद उसका पता नहीं लगा। पौने दो बजे उसने लखीमपुर खीरी के गांव सिकराना में ब्याही अपनी बहन सुनीता को अपने मोबाइल से फोन कर गांव कल्यानपुर के समीप से अपहरण होने की जानकारी दी और बताया कि अपहर्ताओं ने उसकी आंखों पर पट्टी बांध रखी है और उसकी पिटाई कर रहे हैं।
बेटी से जानकारी मिलने पर परशुराम पत्नी कमला देवी के साथ घुंघचाई पुलिस चौकी गए और घटना बताई। चौकी इंचार्ज आरबी सिंह दंपति को लेकर जब घटना स्थल पहुंचे तो उन्होंने बताया कि घटना उनके क्षेत्र की नहीं है। इसके बाद परशुराम ने कोतवाली पहुंचकर घटना बताई। कहा, सात-आठ साल पहले उनकी मैलानी के कुछ लोगों से रंजिश हो गई थी, उसी के चलते अपहरण किया गया है।
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इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने बताया कि बदमाश यदि अपहरण करते तो फिरौती मांगते लेकिन परिवार के लोग फिरौती की बात से इंकार कर रहे है। इससे घटना संदिग्ध लग रही है। पुलिस जांच कर रही है। इस बीच ट्रैक्टर एजेंसी संचालक ने संतोष के एजेंसी पहुंचने से इंकार किया है।
कई दिनों से मोबाइल पर आ रहे थे संदिग्ध फोन
पूरनपुर/घुंघचाई। किसान परशुराम के इकलौते पुत्र के अपहरण के मामले में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि संतोष के मोबाइल फोन पर कई दिनों से संदिग्ध काल आ रही थी। यह जानकारी उसकी छोटी बहन दी। उधर पिता का भी कहना है कि रंजिश में बेटे का अपहरण हो सकता है।
भले ही तहरीर में कुछ और लिखा हो, लेकिन परशुराम ने कोतवाली में बताया कि वह पहले मैलानी में रहता था। लेकिन एक किशोरी के अपहरण को लेकर वहां के कुछ लोगों से उसकी रंजिश हो गई थी। उसी के चलते सात-आठ साल पहले वह मटेहना गांव में आकर रहने लगा। परशुराम ने उन लोगों पर अपहरण की आशंका जताई। इसके अलावा अपहृत की छोटी बहन मुन्नी ने बताया कि भाई के मोबाइल पर पिछले तीन चार दिनों से फोन आ रहे थे। मोबाइल रिसीव करने पर फोन करने वाला कुछ नहीं बोलता था। इसकी जानकारी भइया ने जीजा को भी दी थी। तब उसके जीजा ने मैलानी से फोन आने की जानकारी दी। विदित हो कि पांच भाई बहनों में संतोष इकलौता भाई है। सबसे बड़ी बहन सुनीता, उससे छोटी संगीता की शादी हो चुकी है। इनसे छोटा संतोष है। उससे छोटी एक बहन नीलम है। सबसे छोटी मुन्नी यादव है। बुधवार को जैसे ही घर में संतोष के अपहरण की खबर पहुंची। परिवार और आसपास कोहराम मच गया। लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। 
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