मंदिर विवाद को लेकर जिले में आए आईजी एसके भगत दबिश के दौरान बेकसूरों को परेशान न करने की बात कह गए थे। अभी इसको 24 घंटे का समय पूरा नहीं हो सका था कि दबिश के नाम पर पुलिस की बर्बरता ग्रामीणों की मुसीबत बन गई है। किसी को भी गिरफ्तार कर लेने, मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप लगा रहे ग्रामीणों के चेहरों पर पुलिस की दहशत दिखी। पुलिस की कार्रवाई से डरे सहमे लोग गांव छोड़कर जाने की बात कह रही है।
आसाम हाईवे पर पूरनपुर गेट चौकी के पास स्थित सिद्धबाबा मंदिर को डीएम के निर्देश पर तोड़ा गया था। इसमें सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की बात कही गई। हाईवे के चौड़ीकरण को लेकर भी कार्रवाई किए जाने के बयान सामने आए। इधर ग्रामीण लगातार प्रशासनिक अफसरों पर एक व्यापारी से मिलीभगत के तहत कार्रवाई का आरोप लगा रहे है। बुधवार शाम को आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर पथराव के बाद तीन वाहन फूंक दिए गए थे। जिसमें 12 लोग जेल जा चुके है। हाईव से लेकर गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती है। लगातार चल रही दबिश और गश्त से गांव के अधिकांश पुरुष तो पहले ही घर से चले गए थे। वहीं अब बकाया लोगों को भी गांव में रहने से डर लग रहा है। मीरापुर और पिपरा गांव में शुक्रवार को पुलिस ने दबिश देकर कई लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस पर दबिश के नाम पर ग्रामीणों का उत्पीड़न करने का आरोप लगा है। लोगों के घरों में पुलिस तोड़फोड़ कर रही है। इसका विरोध करने पर महिलाओं से मारपीट करने से भी नहीं चूक रही। खेत पर काम करने वाला हो, या फिर घरेलू कार्य से निकला कोई युवक। उसको पुलिस बेवजह गिरफ्तार कर रही है। जिससे गांव में दहशत बढ़ती जा रही है।