लकड़ी बरामद करने गई वन विभाग की टीम को फजीहत झेलनी पड़ी। विरोध के बीच टीम ने बमुश्किल लकड़ी को बरामद कर प्रधानपति की सुपुर्दगी में दी। गृहस्वामी ने टीम पर उसकी गैरमौजूदगी में घर घुसकर तोड़फोड़ कर ढाई लाख रुपये की नगदी, जेवरात लूटने का आरोप लगाया है। गृहस्वामी का आरोप है कि लकड़ी खरीद के अभिलेख होने की जानकारी देने के बाद टीम ने उसकी एक न सुनी।
हरीपुर रेंज व सामाजिक वानिकी की टीम ने पुलिस के साथ कस्बे के एक घर में जंगल से काटकर लाई गई साल की लकड़ी की सूचना पर छापा मारा। छापे के दौरान गृहस्वामी घर में नहीं था। जानकारी पर गृहस्वामी ने लकड़ी खरीद होने की जानकारी टीम को मोबाइल फोन पर दी। टीम ने अभिलेख न मिलने पर लकड़ी को कब्जे में लेना शुरू किया। इस पर मौजूद लोगों ने हंगामा कर टीम का घेराव कर लिया। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि जब गृहस्वामी अभिलेख होने की जानकारी दे रहा हैं तब उसके आने तक का इंतजार किया जाए। हंगामे के बीच टीम ने लकड़ी को बरामद कर प्रधानपति की सुपुर्दगी में दिया। रेंजर एके गुप्ता ने बताया कि छापे में साल की दरवाजे व तीन बोटे मिले है। अभिलेख होने की जानकारी पर लकड़ी को प्रधानपति के सुपुर्द किया गया है। अभिलेख दिखाने पर लकड़ी को वापस कर दिया जाएगा। उधर, गृहस्वामी रियाज खान ने अभिलेख होने के बाद भी घर में घुसकर टीम पर पर ढाई लाख रुपए व जेवरात लूटने, भांजी की पिटाई करने आदि का आरोप लगाया है। उन्होंने घटना की तहरीर पुलिस को दी है।