गांव सुआबोझ के प्राथमिक स्कूल में एमडीएम चेक करने को लेकर स्कूल शिक्षिका व महिलाओं में हुई मारपीट के मामले में शिक्षिका बयान कराने को नहीं पहुंची। इस पर पुलिस ने शिक्षिका को बयान कराने के लिए नोटिस जारी किया है।
स्कूल में एमडीएम चेक करने को लेकर शिक्षिका और महिलाओं में विवाद पर शनिवार को मारपीट हो गई थी। पुलिस ने शिक्षिका बबिता की ओर से शिक्षा समिति की सदस्य रामदेई, गांव निवासी नंदरानी, पिंकी, आकाश, नंदरानी व रामदेई के पति व 8-10 अन्य लोगों के खिलाफ गाली-गलौज कर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने, छेड़छाड़ कर लूटपाट करने की रिपोर्ट दर्ज की थी। वहीं दूसरी ओर रामदेई की ओर से शिक्षिका बबिता व उसके रिश्तेदार कांस्टेबल बौद्ध प्रकाश गौतम के खिलाफ गाली-गलौज कर मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के बाद सोमवार को स्कूल खुला, शिक्षिका भी स्कूल पहुंचीं, लेकिन कुछ देर बाद वापस लौट आईं। वहीं रसोइया ने एमडीएम नहीं बनाया। उधर, प्रभारी कोतवाल मनोज त्यागी ने बताया कि शिक्षिका ने छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया था। इस पर शिक्षिका को सोमवार को कोर्ट में बयान कराने को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचीं। उन्होंने बताया कि शिक्षिका को बयान कराने को नोटिस भेजा गया है। उधर, शिक्षिका बबिता ने बताया कि बयान को लेकर उनको कोई जानकारी नहीं दी गई। सोमवार को मेडिकल जांच के लिए पुलिस से संपर्क किया था उस समय भी बयान के बारे में कुछ नहीं बताया गया।
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विद्यालय की प्रबंध समिति बनी हुई है। इसमें जयपाल सिंह अध्यक्ष, सुनीता उपाध्यक्ष सहित दस सदस्य व नर्स, लेखपाल और वह खुद समिति में शामिल है। एमडीएम समिति सदस्य किसी समय एमडीएम चेक कर सकते है। जो महिलाएं एमडीएम चेक करने के बहाने स्कूल पहुंची थीं उन्हें एमडीएम चेक करने का अधिकार ही नहीं है।
बबिता, शिक्षिका
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गिरफ्तारी न होने पर नहीं बनाएंगे एमडीएम
स्कूल की रसोइयों ने एसडीएम को पत्र भेजकर शिक्षिका सहित सभी कर्मचारियों की सुरक्षा व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। गिरफ्तारी न होने तक खाना न बनाने की चेतावनी दी गई है। पत्र में रसोइया सीता देवी, भगवान देवी, देवकी, राजबबेटी के हस्ताक्षर थे।