संपूर्णानगर (खीरी) रेंज की टाटरगंज वन चौकी पर भीड़ ने हमला बोल दिया। दर्जनों की संख्या में कथित तौर पर असलहों से लैस होकर पहुंचेे लोगों ने वनकर्मियों को बंधक बनाकर पीटा। उनकी राइफल, बाइक और कारतूस भी लूट लिए। गांव वालों का कहना है कि बन दरोगा खुद ही राइफल छोड़कर भाग गया था। बाद में गांव वालों ने राइफल एसएसबी के जवानों को सौंप दी। घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए वन दरोगा ने पुलिस को नामजद तहरीर दी है।
पुलिस को दी तहरीर में टाटरगंज वन चौकी के दरोगा ऋषभ प्रताप सिंह ने बताया कि दो दिन पहले उनको सूचना मिली थी कि जंगल से कुछ लोग लकड़ी काटकर नेपाल ले जा रहे हैं। इस पर उन्होंने टीम के साथ दबिश दी तो आरोपी नेपाल भाग गए थे। बुधवार को गश्त से वापस आकर वह वन रक्षक रमाकांत मिश्र के साथ चौकी पर बैठे थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक आरोपी दर्जनों की भीड़ लेकर चौकी में घुस आए। सभी के पास असलहे थे। भीड़ में महिलाएं भी शामिल थीं। आरोप है कि भीड़ ने वन दरोगा और वन रक्षक को बंधक बनाकर उनसे मारपीट की। बाद में उनकी राइफल, सात कारतूस, गश्ती बाइक और चार हजार की नगदी लूट ली। इस बीच मौका पाकर वन दरोगा ऋषभ प्रताप सिंह भाग निकले और पास के एसएसबी कैंप में मदद मांगने पहुंच गए। एसएसबी और हजारा पुलिस के मौके पर पहुंचने की जानकारी लगते ही आरोपी भाग गए। उधर, ग्रामीणों की ओर से भी बेवजह मारपीट करने का आरोप वनकर्मियों पर लगाया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस को भी ग्रामीणों ने बताया कि वनकर्मियों ने उनके साथ बिना वजह मारपीट की थी। जिससे ग्रामीण उत्तेजित होकर चौकी पर पूछताछ के लिए पहुंचे थे। एसओ हजारा इंद्रकुमार ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या मामला वन विभाग और ग्रामीणों के बीच विवाद का लग रहा है। दोनों पक्षों से देर सायं तक तहरीर नहीं मिल सकी थी। उन्होंने बताया कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
वनकर्मियों पर टीवी, सीडी प्लेयर छीनने का आरोप
टाटरगंज निवासी वीरा कौर ने बताया कि उनका बेटा परमजीत सिंह मंगलवार को बाइक से टीवी बनवाकर खजुरिया से घर लौट रहा था। रास्ते में वनकर्मियों ने उसे रोक मारपीट की तथा लकड़ी के अवैध कटान का आरोप लगाते हुए उसकी टीवी व सीडी प्लेयर छीन लिया था। इसकी जानकारी करने वह दोपहर कुछ लोगों के साथ वन चौकी गई तो वनकर्मियों ने उससे गाली गलौज करने के साथ राइफल तान दी। विरोध करने पर वन दरोगा धमकी देते हुए खुद ही राइफल छोड़कर एसएसबी जवानों के पास चले गए। बाद में गांव वालों ने राइफल एसएसबी को सौप दी। वीरा कौर ने वन दरोगा के आरोप गलत बताए हैं। उसने बताया कि इस घटना की उसने हजारा थाने में तहरीर भी दी है।
मामला लूटपाट का नहीं है। वनकर्मी और ग्रामीणों के बीच का विवाद है। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। राइफल, बाइक लूट की बात भी सामने फिलहाल नहीं आ सकी है। वनकर्मियों से लिखित तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। एसओ को मामले की गहनता से जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- राजेश्वर सिंह, सीओ पूरनपुर