बारावफात के जुलूस के दौरान शहर में हुए बवाल के समय बेटे को गोली लगने की अफवाह पर एक पिता की दहशत में मौत हो गई। इससे घर में मातम छा गया।
बुधवार की रात मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी 50 वर्षीय शब्बीर का 19 वर्षीय बेटा नदीम जुलूस देखने गया था। इस बीच मद्दे की पुलिया पर हसन मियां द्वारा जुलूस निकालने के प्रयास में बवाल हो गया। शोर शराबा और गोली की आवाजें सुनकर शब्बीर दरवाजे पर पहुंचकर घटना की जानकारी लेने लगा।
शब्बीर के भाई हाशिम में बताया कि इस दौरान किसी ने उन्हें बताया कि उनके बेटे को गोली लग गई है। बेटे के गोली लगने की बात सुनते ही शब्बीर दहशत में आ गया और उसे दिल का दौरा पड़ गया। घरवाले उन्हें अस्पताल ले जाते इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। शब्बीर की मौत से घर में मातम छा गया। पत्नी बच्चों का रो रो बुरा हाल है।
जुलूस के दिन मेरी हसन मियां से कोई बात नहीं हुई है। इससे तीन दिन पहले मैंने उनसे कहा था कि अगर अगर जरताब रजा का जुलूस निकालेगा तो आपका भी मिलेगा लेकिन शासन से अनुमति मिलने पर। परंतु शासन से केवल जरताब रजा को जुलूस निकालने की अनुमति प्राप्त हुई। इसकी जानकारी हसन मियां को जुलूस के 24 घंटे ही दे दी गई थी। अनुमति के बाद भी जबरन जुलूस निकालने के प्रयास में पुलिस ने उन्हें रोका जिससे विवाद हुआ है।
मासूम अली सरवर, डीएम