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एसओ ने बोलकर सिपाही से लिखाई तहरीर, लगवाया अंगूठा

Tue, 12 Jan 2016 07:27 PM IST
plibhit
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परेवावैश्य में डकैती की हुई घटना में एक बार फिर जहॉनाबाद पुलिस खेल कर गई। इस बार तो पुलिस ने सारी हदें पार कर दीं। पीड़ित ने जो तहरीर दी, उसे पुलिस ने लेने से इंकार कर दिया। प्रदेश के एक राज्यमंत्री के खास माने जाने वाले एसओ ने खुद बोलकर तहरीर एक सिपाही से लिखवाई और अनपढ़ गृहस्वामी से अंगूठा लगवाकर धाराओं में खेल कर दिया। पुलिस ने सिर्फ बंधक बनाकर लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस के इस कारनामे से लोगों में गुस्सा है।
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जिले में चोरी और लूट की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पुलिस से बेखौफ अपराधी लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पिछले दिनों हुईं घटनाओं को खुलासा भी नहीं हो रहा है। इससे पुलिस व्यवस्था चौपट होती नजर आ रही है। सोमवार की रात बदमाशों ने जहॉनाबाद के गांव परैवावैश्य में डाका डाल दिया। इससे दो दिन पहले थाना न्यूरिया और थाना सुनगढ़ी में डकैती की घटना हुई। अगर दो महीने में हुईं घटनाओं पर नजर डाले तो चोरी, लूट और डकैती की सर्वाधिक घटनाएं थाना जहॉनाबाद क्षेत्र में हुई। 16 दिसंबर को गांव ललौरीखेड़ा के दो घरों में डकैती, कल्याणपुर खास के दो घरों में चोरी हुई। नौ नवंबर की रात बदमाशों ने कनाकोर के तीन और ऐमी के एक घर में डकैती डालकर करीब आठ लाख रुपये का माल बटोर ले गए। पुलिस ने इनमें से कुछ घटनाएं दर्ज नहीं की और जो घटनाएं नहीं लिखी, जो घटनाएं लिखीं वह चोरी में दर्ज की।
परेवावैश्य में हुई डकैती की घटना में भी पुलिस ने खेल किया। पीड़ित बाबू कुरैशी ने बताया कि वह अनपढ़ हैं। उसने गांव के एक व्यक्ति से तहरीर लिखवाई और पुलिस को दी, लेकिन एसओ ने वह तहरीर लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि एसओ ने एक सिपाही को बुलाया और खुद तहरीर बोलकर लिखवाई। तहरीर में पिटाई, फायरिंग और बदमाशों को हथियार बंद होना भी नहीं लिखाया। सामान की लिस्ट तहरीर में न लिखकर सिर्फ यह लिख दिया कि लिस्ट बाद में देंगे। एसओ की इस कार्यप्रणाली से लोगों में रोष है। बुधवार को पीड़ित ग्रामीणों के साथ एसपी से शिकायत करेगा।  
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बदमाशों की धमकी से ग्रामीणों में दहशत
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में कभी डकैती की घटना नहीं होती थी। पहली बार एक नवंबर 14 को बदमाशों ने गांव निवासी छोटे के घर डाका डाला था और करीब तीन लाख रुपये का सामान लूट ले गए थे। दोबारा घटना होने और बदमाशों की धमकी से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है।

यदि एसओ ने खुद बोलकर तहरीर लिखाई है तो गंभीर बात है। यदि पीड़ित इस बात की शिकायत करेगा तो मामले की जांच कराई जाएगी। पीड़ित ने जो तहरीर दी थी, एसओ को उसी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए थी।
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