मझोला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का मामला
चौकीदार का इस्तीफा देना बना चर्चा का विषय
बा स्कूल में छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ के बाद जहां एक तरफ छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं विभागीय अफसर इसकी लीपापोती में लगे हैं। फिलहाल स्कूल के चौकीदार ने इस्तीफा दे दिया।
अमरिया क्षेत्र के मझोला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में करीब सप्ताह भर पूर्व रात में एक व्यक्ति द्वारा छात्रा को दबोचने का प्रयास किया गया था। छात्रा के विरोध करने पर आरोपी भाग निकला। छात्रा के शोर शराबा मचाने का वहां मौजूद स्टाफ ने आरोपी की तलाश की लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका। हालांकि इस मामले में विभाग द्वारा स्कूल में किसी अंजान के घुसने की बात को तो कबूल किया गया लेकिन छात्रा के साथ छेड़छाड़ को हजम कर लिया गया। इतना कुछ होने के बाद भी स्कूल में तैनात स्टाफ संवेदनहीन बना रहा। अगले दिन रात को बा स्कूल का निरीक्षण करने गए बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति को वार्डन शशिबाला नदारद मिली। इसपर बीएसए ने समन्वयक बालिका शिक्षा मनीष श्रीवास्तव को कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद प्रभारी वार्डेन शशिबाला, एक फुलटाइम शिक्षिका व चौकीदार को नोटिस जारी कर दिया। हालांकि अभी इन तीनों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। फिलहाल स्कूल में तैनात चौकीदार नंदराम ने इस्तीफा दे दिया है। इस पूरे मामले के बाद एक निचले स्तर के कर्मचारी का इस्तीफा भी चर्चा का विषय है। फिलहाल इस मामले की अगर गहराई से छानबीन की जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है। वहीं छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही ढिलाई कभी भी बड़ी मुसीबत बन सकती है। इधर इस मामले में जब जिला समन्वयक बालिका शिक्षा मनीष श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने छेड़छाड़ की घटना से इंकार कर दिया। कहा कि स्कूल में एक व्यक्ति के दीवार फांदकर घुसने की जानकारी दी गई थी। बीएसए के निर्देश पर प्रभारी वार्डन शशिबाला, एक फुलटाइम शिक्षिका व चौकीदार को नोटिस जारी किया गया था। अभी नोटिस का जवाब नहीं मिला है।
अब बा स्कूलों में तैनात रहेंगे दो होमगार्ड
पीलीभीत। बा स्कूल मझोला में दो माह के भीतर हुई दो घटनाओं के बाद अब जिला प्रशासन ने जिले के सभी बा स्कूलों में दो होमगार्ड तैनात करने के निर्देश दिए हैं। मालूम हो कि बॉ स्कूल मझोला में करीब सप्ताह भर पूर्व एक छात्रा से रात में छेड़छाड़ करने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के बाद स्कूल की सुरक्षा को लेकर एक पत्रावली डीएम को भेजी गई थी।