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पुलिस कह रही एक आरोपी का नाम हटाओ

Wed, 18 May 2016 11:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
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पुलिस अफसर भले ही महिला अपराध को लेकर गंभीरता बरतने के दावे कर रहे हो। आए दिन क्राइम मीटिंग में महिला अपराध खासकर किशोरियों से छेड़छाड़ और दुराचार की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने की बात कही जा रही हो। लेकिन थाना स्तर पर संदिग्धता के नाम पर पुलिस का टालमटोल वाला रवैया बरकरार है। बिलसंडा के एक गांव से सामने आए गैंगरेप के मामले में भी पुलिस की कार्यशैली ऐसी ही रही। शिकायत के घंटों बाद भी न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही किशोरी का मेडिकल कराया गया। वहीं, दूसरी ओर किशोरी के परिवारीजनों को कटघरे में खड़ा कर दिया गया है।
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15 वर्षीय दलित किशोरी के घर वालों ने उसको बेहोश कर अगवा करने और सामूहिक दुराचार करने का आरोप लगाया। न्याय की आस लेकर मजदूर पिता बिलसंडा पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंच भी गया। लेकिन अब उसको कभी पुलिस के कहे अनुसार रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव झेलना पड़ रहा है तो कभी खुद का सम्मान बचाने की कवायद। शिकायत करने थाने पहुंचे पिता का आरोप है कि उसकी नाबालिग बेटी से दरिंदगी की गई। दोनों आरोपी युवकों के नाम पुलिस को दे दिए गए लेकिन पुलिस उन पर ही दबाव बना रही है। मामले में एक आरोपी को बचाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस कह रही है एक आरोपी का नाम हटाकर तहरीर दो। नहीं हटाने पर प्रेम प्रसंग का मामला बताकर घटना को झुठलाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने का दावा कर रही है और घटना को इस आधार पर संदिग्ध मान रही है कि घर में शौचालय होने के बाद भी किशोरी खेत में शौच के लिए क्यों गई थी। पुलिस की कार्यशैली से नाराज पिता का कहना है कि वह गुरुवार को इसकी शिकायत डीएम और एसपी से करेंगे।
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