थाना बरखेड़ा क्षेत्र की पुलिस चौकी जिरौनियां के गांव जिरौनियां में कथित रेप के बाद दलित छात्रा रामकली की हत्या के मामले में शुरू से लापरवाही बरत रही पुलिस अमर उजाला की खबरों के बाद अब जागी है। सवालों के घेरे में फंसी पुलिस अब डीएनए टेस्ट कराएगी। इसके लिए पुलिस ने पीएम के दौरान बनाई गई स्लाइड के साथ उसके नाखून व मौके पर मिले बाल को जिला अस्पताल न भेज कर चार दिन बाद रविवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा है। स्लाइड की जांच रिपोर्ट पुलिस एक हफ्ते के भीतर आने की संभावना जता रही है।
16 सितंबर की शाम पुलिस चौकी जिरौनिया के गांव जिरौनिया में छात्रा रामकली का शव उसी के घर में एक कमरे में मिला था। दुपट्टा गले से कसा और मुंह में ठुंसा था। नीचे के कपड़ों पर खून होने से परिवार वाले कथित रेप के बाद हत्या होने का दावा कर रहे थे, लेकिन पुलिस शुरू से ही घटना को हल्के में लेते रही। यही नहीं इसे केवल हत्या का रूप देने के लिए झूठ पर झूठ बोलने से भी पुलिस ने गुरेज नहीं किया। पुलिस की कार्यप्रणाली उस समय सवालों के घेरे में पूरी तरह से आई जब बरखेड़ा पुलिस ने तीन दिन तक पोस्टमार्टम के बाद बनाई गई स्लाइड जांच के लिए जिला महिला अस्पताल नहीं भेजी और उसे अपने पास रखे रही।
अमर उजाला ने 20 सितंबर के अंक में जब खबर प्रकाशित की तो पुलिस के हाथपांव फूल गए। एसपी भी इस मामले को लेकर पहली बार गंभीर दिखे व आगे सवालों के घेरे में फंसने से बचने के लिए डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय ले लिया। इसके बाद पुलिस ने घटना के दिन व पोस्टमार्टम के दौरान कब्जे में लिए गए नाखून, सिर के बाल और रेप की पुष्टि के लिए बनाई गई स्लाइड जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफसीएल) लखनऊ भेजी है। एएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजी गईं कुछ अन्य चीजों से छात्रा का डीएनए टेस्ट भी होगा। उन्होंने बताया कि स्लाइड की जांच रिपोर्ट हफ्ते भर में आने की संभावना है। अन्य जांचों में करीब एक माह का समय लग सकता है।