जयपुर (राजस्थान) में जिंदा जलाकर मारी गई गांव बिलईखेड़ा निवासी विवाहिता गुलिस्ता का शव शनिवार की सुबह जब गांव पहुंचा तो शव को देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। देर शाम गमगीन माहौल में घर वालों ने शव को जमींदोज कर दिया।
थाना क्षेत्र के गांव बिलईखेड़ा निवासी रिहाना ने बताया कि वह जयपुर की मानपुर सड़वा में किराए के मकान में परिवार के साथ रहकर कारचौबी का काम करती है। बरेली जिले के थाना नवाबगंज के गांव अधकटा नजराना का अफसर हुसैन भी वहीं कारचौबी का काम करता था।
सात माह पहले उसने अपनी पुत्री गुलिस्ता का विवाह अफसर के साथ किया था। पुत्री तीन माह के गर्भ से थी। दहेज में कार की मांग को लेकर ससुराल वाले पुत्री को मारपीट कर प्रताड़ित करते थे। 19 मार्च 15 की रात आठ बजे पति व अन्य ससुरालीजनों ने उसकी पुत्री की पिटाई की और तेल छिड़कर जला दिया। इस मामले में पुलिस ने पति अफसर हुैसन के खिलाफ धारा 498 ए व 304 बी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उसको गिरफ्तार कर लिया।
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जयपुर पुलिस पर तहरीर बदलवाने का आरोप
गांव बिलई खेड़ा निवासी रिहाना ने बताया कि जयपुर पुलिस ने तहरीर बदलवा ली। पुलिस ने तहरीर में लिखवा लिया कि उसकी पुत्री गुलिस्ता व दामाद अफसर हुैसन के बीच भांजी शबाना की शादी में जाने को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद पुत्री संदिग्ध हालात में झुलस गई। इसी आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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ससुराल वालों पर लगाया शव छीनने का आरोप
मृतका की मां रिहान ने बताया कि वह पोस्टमार्टम कराने के बाद पुत्री का शव लेकर घर आ रही थी। खमरिया पुल के पास पुत्री के ससुराल वालों ने उसके वाहन को रोक लिया और शव जबरन ले जाने का प्रयास करने लगे। इस पर उसने गांव वालों को सूचना दी। गांव वालों के हस्तक्षेप पर वह बमुश्किल पुत्री का शव घर ला पाई। शव देखने वालों की काफी भीड़ जुट गई। शाम को शव को गमगीन माहौल में जमींदोज कर दिया गया।