अनुभव को प्राथमिकता
पीटीआर प्रशासन ने इस बार नेचर गाइडों के चयन में अनुभव को प्राथमिकता दी है। पिछले पर्यटन सत्रों में लिखित परीक्षा कराकर वरीयता क्रम के आधार पर गाइडों का चयन किया जाता था। इस बार यह व्यवस्था बदल दी गई है। अब उन लोगों को तरजीह दी जा रही है, जो पहले भी पीलीभीत टाइगर रिजर्व में नेचर गाइड के रूप में काम कर चुके हैं। इससे जंगल के रास्तों, वन्यजीवों की गतिविधियों और पर्यटन क्षेत्र की बेहतर जानकारी रखने वाले गाइडों की सेवाएं ली जा सकेंगी।
डीएफओ मनीष सिंह का कहना है कि नए पर्यटन सत्र को ध्यान में रखते हुए नेचर गाइडों और सफारी वाहन चालकों का विशेष प्रशिक्षण कराया जा रहा है। पुणे से आए विशेषज्ञ संवाद कौशल, वन्यजीवों की जानकारी और जंगल सफारी के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियों का प्रशिक्षण दे रहे हैं, ताकि पर्यटकों को बेहतर और प्रामाणिक अनुभव मिल सके।
पर्यटकों को मिलेगा बेहतर अनुभव
पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और बाघों की मौजूदगी के लिए देश-दुनिया में पहचान रखता है। हर साल यहां बड़ी संख्या में पर्यटक जंगल सफारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में गाइडों और सफारी चालकों को प्रशिक्षण देकर पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है।