नेपाल में कभी माओवाद, तो कभी मधेसी आंदोलन की हलचल बनी रहती है, जिसके चलते इंडो नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर जवान चौकस रहते हैं। वर्तमान में खुफिया एजेंसियों ने नेपाल में अस्थिरता के माहौल का फायदा उठाकर आतंकियों के घुसपैठ होने के संकेत दिए हैं। इस सबके चलते सीमा पर एसएसबी तो चौकस हुई है, लेकिन सेंधमारी के कई रास्ते खुले होने के चलते उनके लिए सीमा की सुरक्षा करना एक चुनौती भरा कार्य होगा।
बीहड़ जंगल, नदी नालों
का उठाते रहे हैं फायदा
एसएसबी बीओपी चौकियों के जवान सीमा पर लगातार पेट्रोलिंग करते हैं। बावजूद इसके बीहड़ जंगल और नदी के घाटों का सहारा लेकर अराजक तत्व अपने कामों को अंजाम देते रहे हैं। भारतीय क्षेत्र में बसी आबादी भी उनके सुरक्षित निकलने में वरदान साबित होती है। हालांकि एसएसबी लगातार इन तत्वों पर कार्रवाई भी करती है।
शारदा नदी के घाट
कई कारणों से अहम्
शारदा, वमनी व सनेड़ी नदी कई स्थानों पर नोमेंस लैंड व सीमा से सटे इलाके में बह रही है। यहां बीहड़ जंगल भी है। शारदा व वमनी नदी के बीच में तमाम भारतीयों ने वन भूमि पर खेती शुरू कर दी है। ऐसे में खुली सीमा के चलते यहां से कभी भी संदिग्धों की आवाजाही हो सकती है।