पीलीभीत-बरेली रेल प्रखंड पर पश्चिमी दिल्ली की चांदनी मस्जिद
के पास मोहन गार्डेन निवासी सत्यपाल की पत्नी 30 वर्षीय जलधारा का शव
झाड़ियों में बरामद हुआ। उसका गला दुपट्टे से कसा था। रेलवे लाइन के दूसरी
ओर झाड़ी में मिले प्लास्टिक के थैले में मिले आधार कार्ड, मतदाता पहचान
पत्र से महिला की शिनाख्त हुई। पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क कर मृतका
के पति को घटना की सूचना दे दी है। सीओ ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया।
फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।
गांव खमिरया पुल के कुछ
लोगों ने रेलवे के खंभा संख्या 278/5 व 278/6 के पास झाड़ियों में एक महिला
का शव पड़ा देखा। शव पड़े होने की सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और
उसे देखने वालों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। शव
के गले में दुपट्टा कसा हुआ था, जिसे खोलने में पुलिस को काफी मश्क्कत करनी
पड़ी।
सीओ निर्मल कुमार विष्ट और एसओ धनंजय सिंह ने घटना स्थल का
निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस को रेलवे लाइन के दूसरी ओर झाड़ियों में एक
प्लास्टिक का थैला बरामद हुआ। थैले में महिला के कपड़े व मतदाता पहचान
पत्र, आधार कार्ड आदि मिले। थैले से एक समुदाय की टोपी भी बरामद हुई। आधार
कार्ड व मतदाता पहचान पत्र पर एक ही नाम-पता दर्ज होने पर पुलिस ने दिल्ली
पुलिस से संपर्क साधा तो पुलिस ने नाम-पते की पुष्टि की और मामले की
जानकारी मृतका के पति सत्यपाल को दी।
उधर फोरेंसिक टीम प्रभारी राधारमण
सैनी एक्सपर्ट के साथ मौके पर पहुंचे और शव के पास से साक्ष्य जुटाए। सीओ
निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि महिला की दुपट्टे से गला घोटकर हत्या की गई
है। दिल्ली पुलिस के माध्यम से उसके घर वालों को सूचना दे दी गई है। शव को
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने महिला के साथ दुराचार होने जैसी
संभावनाओं से इंकार किया है।
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(साइड स्टोरी ...................)
दिल्ली से पीलीभीत कैसे पहुंची महिला ?
10 जुलाई को घर से अल्ट्रासाउंड कराने को निकली थी
दिल्ली में पति कर रहा था मृतका की तलाश
टीएन अवस्थी
पीलीभीत।
दिल्ली से दो दिन पहले गायब हुई जलधारा का शव रेलवे लाइन के किनारे
झाड़ियों में मिलने से यह एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिरकार महिला
पीलीभीत कैसे पहुंची, उसे कौन लेकर आया? जबकि मृतका के पति की मानें तो
पत्नी तो दूर वह खुद भी नहीं जानते की पीलीभीत कहां है?
शाही रेलवे
क्रासिंग के निकट पश्चिमी दिल्ली के चांदनी मस्जिद के पास मोहन गार्डेन
निवासी सत्यपाल मजदूरी पेशा व्यक्ति हैं। पुलिस के मुताबिक 10 जुलाई को
जलधारा घर से अल्ट्रासाउंड कराने की बात कहकर सुबह करीब 11 बजे निकली थी।
लेकिन देर शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचीं तो पति सत्यपाल दिल्ली में उसकी
खोज करने लगा।
बुधवार को पीलीभीत पुलिस ने शाही रेलवे क्रासिंग के पास
पश्चिम दिशा में जलधारा का शव बरामद किया। शव के आंख के पास चोट के निशान
थे। गले पर भी कई जगह नाखूनों की खरोंच साफ दिखाई दे रही थी। इससे यह बात
तो साफ हो गई कि महिला की पहले हाथ से गला दबाने की कोशिश की गई होगी। बाद
में उसी के दुपट्टे से उसकी गला घोंटकर हत्यारे ने हत्या कर दी।
खासबात
यह है कि जिस स्थान पर बैग मिला, उस जगह पर चारपाई भर की जगह खाली थी। उसके
चारों ओर झाड़ियां खड़ीं थीं। इस स्थान से रेलवे लाइन के दूसरी ओर शव
मिलने से अंदाजा लगाया जा रहा है कि बैग मिलने वाले स्थान पर ही महिला की
हत्या की गई होगी। पुलिस भी उसकी हत्या कर शव दूसरे किनारे फेंके जाने की
बात को मानकर चल रही है। थैले में मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, एसबीआई
बैंक का पहचान पत्र, कपड़े और सफेद रंग की गोल टोपी मिली है।
पूरे घटना
क्रम और मौके की नजाकत पर नजर डाले तो सवाल यह उठता है कि महिला पीलीभीत तक
कैसे पहुंचीं। क्योंकि पति सत्यवान भी पीलीभीत कहां है, नहीं जानता है।
उसे कोई लेकर तो आया ही होगा। आखिर कौन है वह शख्स? जिसकी बैग में बरामद
हुई टोपी, उससे महिला से कैसे हुई मुलाकात? यह तमाम सवाल ऐसे हैं जिनके
जवाब तलाश पाना पीलीभीत पुलिस के लिए आसान नहीं हैं। रेलवे लाइन के दूसरी
ओर बैग मिलना, बैग मिलने के स्थान पर चारपाई भर जगह साफ होना और उसके
ईर्द-गिर्द गोलाई से झाड़ियां खड़ी होना आदि घटना स्थल पर मौजूद
परिस्थितिजन्य साक्ष्य इस ओर इशारा कर रहे हैं कि हत्यारे को इस जगह की
पहले से ही पूरी जानकारी थी।
इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है
कि महिला को प्रेम जाल में फंसाकर कोई शख्स उसे पीलीभीत लाया हो और रेप कर
उसकी हत्या कर दी हो। सीओ निर्मल कुमार ने बताया महिला के परिवार वालों के
देर रात तक पीलीभीत पहुंचने की संभावना है। सीओ ने हत्या की बात तो कबूल
की, लेकिन रेप आदि होने की बात प्रारंभिक जांच में सामने आने से इंकार किया
है। सीओ का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही रेप के बाबत कुछ कहा
जा सकता है।