शहर में अभी तक नदियों के किनारे मगरमच्छ निकलने की घटनाएं होती थीं लेकिन
बुधवार को सुबह पांच बजे गौहनिया चौराहे के पास माधोटांडा मार्ग पर नाले
में मगरमच्छ देखे जाने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची सामाजिक वानिकी
की टीम ने पकड़ लिया। डीएफओ के निर्देश पर उसे माला नदी में छोड़ा गया है।
बुधवार
को सुबह करीब पांच बजे लोग मार्निंग वॉक को माधोटांडा मार्ग पर निकले थे।
गौहनिया चौराहे से आगे निरंजकुंज जाने वाले मोड़ से पहले नाले में हलचल
होने पर लोग किसी पशु के गिरने की आशंका पर रुक गए। पास जाकर देखा तो उसमें
मगरमच्छ पड़ा था जो बाहर आने का प्रयास कर रहा था। आबादी क्षेत्र में
मगरमच्छ होने की सूचना से हड़कंप मच गया और लोग घरों से बाहर निकल आए।
इसकी
सूचना कुछ लोगों ने सामाजिक वानिकी के प्रभागीय निदेशक आदर्श कुमार को दी।
उनके निर्देश पर डिप्टी रेंजर दीनानाथ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन
विभाग की टीम ने लोगों के सहयोग से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ
को नाले से बाहर निकालकर कब्जे में किया। मगरमच्छ देखने को लोग जमा हो गए।
पकड़ा गया मगरमच्छ करीब छह फुट लंबा था। इसकी उम्र लगभग चार साल बताई जा
रही है।
डिप्टी रेंजर दीनानाथ ने बताया कि डीएफओ के निर्देश पर पकड़े
गए मगरमच्छ को माला रेंज में बहने वाली माला नदी में छोड़ा गया है। आबादी
क्षेत्र में मगरमच्छ निकलने की शहर में पूरे दिन चर्चा रही।