गांव पिपरिया दुलई निवासी खाद व्यापारी अनिल मिश्रा और किसान हजारी लाल को पत्र भेजकर आठ और पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। पत्र में रुपये निर्धारित स्थान पर न पहुंचाने पर किसान और व्यापारी के बेटों की हत्या की धमकी दी गई है। पत्र मिलने से व्यापारी और किसान के परिवार दहशत में है। दोनों पीड़ितों ने शुक्रवार को कोतवाली में तहरीर देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
धमकी भरा पत्र किसान और व्यापारी को उनके घर के पास स्थित यशोदा मंदिर की दीवार पर एक ईंट से दबा हुआ मिला। व्यापारी और किसान के नाम संबोधित दोनों पत्रों में एक ही भाषा का प्रयोग किया गया है। राइटिंग भी एक ही है। दोनों पत्रों में नीचे खतरा लिखा है। किसान हजारी लाल ने बताया कि उसके नाम के पत्र में पांच लाख रुपये थैला मेें रखकर गांव के कैलाश के बोरिंग के पास शहतूत के पेड़ पर टांगने को लिखा गया है। पत्र में 23 तारीख तक रुपये निर्धारित स्थान तक न पहुंचने पर उसके बच्चे की जान लेने की धमकी दी गई है।
वहीं व्यापारी अनिल मिश्रा ने बताया कि उसके नाम के संबोधित पत्र में आठ लाख रुपये गांव के बाबू के गूंगा के समीप छोटे के धान के खेत में 25 तारीख तक रख देने को कहा गया है। रुपये न पहुंचाने पर गांव के सत्यदेव मिश्रा उर्फ दिब्बू के पुत्र की तरह हाल करने की चेतावनी दी गई है। एसएसआई हरीराम त्रिपाठी ने बताया कि दोनों पीड़ितों की तहरीर मिली है। जांच कराई जा रही है।
नवंबर में रंगदारी को बदमाशों ने किया था फोन
पूरनपुर। किसान हजारी लाल ने बताया कि पिछले साल नवंबर माह में उसे कई बार फोन कर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इसकी सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद भी कई दिनों तक फोन आते रहे।
छह साल पहले गांव के किशोर की हुई थी हत्या
पूरनपुर। गांव पिपरिया दुलई निवासी सत्यदेव मिश्रा को छह साल पहले भी धमकी भरा पत्र मिला था। पत्र में पांच लाख रुपये न देने पर उसके पुत्र की हत्या की धमकी दी गई थी। बाद में सत्यदेव के 14 वर्षीय पुत्र का 26 जनवरी को स्कूल से लौटते समय अपहरण कर लिया गया था। इसके पखवाड़ा भर बाद उसकी लाश गांव के करीब तीन किलोमीटर दूर एक गन्ना के खेत में मिली थी।