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बरेली के दो युवकों ने की थी जलधारा की हत्या

Wed, 19 Aug 2015 11:15 PM IST
टीएन अवस्थी /पीलीभीत।
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दिल्ली के मोहन गार्डेन निवासी सत्यपाल की पत्नी जलधारा की मर्डर मिस्ट्री में पुलिस के हाथ कुछ पुख्ता सबूत लगे हैं। सीओ जहॉनाबाद ने अधिकृत रूप से घटना का खुलास तो नहीं किया, लेकिन उनका दावा है कि सर्विलांस और जांच के दौरान एकत्र सबूतों से साफ हो गया है कि जलधारा की हत्या मामले में बरेली में रह रहे दो युवक शामिल थे। संभावना है कि प्रेम जाल में फंसाकर लाने के बाद महिला की हत्या की गई है। पुलिस की टीम आरोपियों के नाम-पते की पहचान करने के बाद उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में जुट गई है।
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पश्चिमी दिल्ली की चांदनी मस्जिद के पास मोहन गार्डेन निवासी सत्यपाल की पत्नी जलधारा का 12 अगस्त की सुबह शव थाना जहॉनाबाद की शाही रेलवे क्रासिंग के पास पुलिस ने बरामद किया था। उसकी गला घोटकर हत्या की गई थी। वह 10 अगस्त की सुबह अल्ट्रासाउंड कराने के लिए घर से निकली थी। उसके पास 49 हजार रुपये भी थे, जो उसके पास से गायब मिले थे।
परिवार वालों से बात होने के बाद पुलिस के सामने महिला पीलीभीत कैसे पहुंची? उसके बैग में मिली टोपी किसकी थी, आदि सवाल खड़े हुए थे। इन सवालों के जवाब के लिए सर्विलांस पुलिस का सहारा बना। पुलिस ने जब जलधारा का मोबाइल लेकर एक माह की कॉल डिटेल चेक की तो घटना की कहानी परत दर परत खुलती गई। पुलिस को 11 अगस्त की शाम छह बजे जलधारा की आखिरी लोकेशन डासना (गाजियाबाद) में मिली।
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इसके बाद लोकेशन न मिलने से पुलिस की जांच की गति जब धीमी हुई तो पुलिस ने 10 अगस्त से उसके मोबाइल पर ट्रेस की गई नौ कालों पर जांच आगे बढ़ाई तो पुलिस मर्डर मिस्ट्री से जुड़े अहम पहलू पुलिस के हाथ आने लगे। सीओ निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि अब तक की जांच में जो कहानी सामने आई उसके मुताबिक बरेली के दो युवक दिल्ली में मजदूरी करते थे। दोनों युवक जलधारा को डासने से लेकर अमरोहा पहुंचे।
अमरोहा में एक युवक ने मोबाइल में पड़ा दिल्ली का सिम निकाल दिया और वेस्ट यूपी का सिम डालकर उससे बात करनी शुरू की। 12 अगस्त की सुबह वेस्ट यूपी के नंबर की लोकेशन सुबह 4.10 मिनट पर जहॉनाबाद के खमरिया पुल पर मिली है। उनका कहना कि हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों युवकों ने सेलफोन एक युवक को दे दिया। उक्त युवक उसमें पड़े वेस्ट यूपी के सिम का ही इस्तेमाल करता रहा।
इससे पुलिस के हाथ मोबाइल का उपयोग कर रहे युवक के पास पहुंचे तो हत्याकांड की तस्वीर खुलकर सामने आ गई। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के नाम-पते की पहचान कर ली गई। चूंकि अभी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। जिन्हे पकडने के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। उन्होंने गुरुवार को हत्याकांड का खुलासा करने की उम्मीद भी जताई।
जांच के लिए नहीं भेजी पुलिस ने स्लाइड
दिल्ली निवासी जलधारा का शव मिलने के बाद रेप के बाद हत्या का शक था। जिस पर पुलिस ने 13 अगस्त को पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया था। महिला डॉ. नीलम ने स्लाइड बनाकर पुलिस को सौंपी थी। पोस्टमार्टम हुए सात दिन बीत गए। इसके बाद भी जहॉनाबाद पुलिस ने स्लाइड को जांच के लिए जिला अस्पताल की पैथाोजी नहीं भेजा। इससे पुलिस की नीयत पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आमने-सामने
पैथालोजी के डॉ. महावीर प्रसाद ने बताया कि जलधारा नामक महिला की कोई स्लाइड बुधवार तक जांच के लिए नहीं आई है। जबकि एसओ धनंजय सिंह का कहना है कि उन्होंने अगले दिन ही स्लाइड जांच के लिए जिला अस्पताल की पैथालोजी भेजी थी। इसके अलावा कुछ चीजें ऐसी थीं, जिन्हें जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया था। इस द
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ौरान आई कुछ जांच रिपोर्टों में रेप की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
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