मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश मिलने पर एएसपी ने शुरू की कार्रवाई
सदर कोतवाली में तैनाती के दौरान किराएदार और मकान मालिक के बीच चल रहे विवाद में की गई कार्रवाई को लेकर हुई शिकायत के बाद इंस्पेक्टर हरगोविंद सिंह की जांच शुरू कर दी गई है। एएसपी ने प्रकरण की शिकायतकर्ता के बयान लिए हैं।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तखान निवासी अनिल सक्सेना का अपने किराएदार माधोटांडा क्षेत्र के कलीनगर निवासी जसवंत सिंह पुत्र हरीराम से विवाद चल रहा था। अक्तूबर में कोतवाली पुलिस को किराएदार का सामान सड़क पर रखा होने की सूचना मिली। मौके पर किराएदार के मौजूद न होने पर मोहल्ले के लोगों को बतौर गवाह बनाकर सामान लावारिस दिखाते हुए कब्जे ले लिया था। इसके बाद से कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाए जा रहे थे। किराएदार जसवंत सिंह ने इसकी शिकायत अफसरों से की। मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा था। तत्कालीन कोतवाल हरगोविंद सिंह पर जबरन सामान बाहर निकलवाने का आरोप लगाया था। शिकायत को संज्ञान में लेने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से मामले की जांच के निर्देश एसपी पीलीभीत को दिए गए। अब तीन माह बाद आरोपों की सत्यता का पता लगाने को जांच शुरू कर दी गई है। इंस्पेक्टर की जांच एएसपी डा. रामसुरेश यादव को दी गई है।
किराएदार खुद सामान को सड़क पर रखकर चला गया था। सामान चोरी न हो जाए, इसको देखते हुए लिस्ट बनाकर एसआई सुमन को भेजकर दो गवाहों की मौजूदगी में लावारिस में दाखिल कराया गया। जीडी में भी इसकी इंट्री की गई थी। लगाए जा रहे आरोप निराधार है।
- हरगोविंद सिंह, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी
मामला तीन महीने पुराना है। सीएम कार्यालय से जांच के आदेश मिलने पर सत्यता का पता किया जा रहा है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ.रामसुरेश यादव, एएसपी