उपहास करने विरोध करने पर गांव रामपुर अमृत निवासी 22 वर्षीय सुनील कश्यप की गांव के ही तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से भाग निकले। पुलिस ने मृतक के पिता की ओर से तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि पुलिस घटना को आत्महत्या मान रही है।
गांव रामपुर अमृत निवासी रामकिशोर कश्यप ने बताया कि उनकी पुत्री रेखा करीब एक वर्ष पूर्व कहीं चली गई थी। इस बात को लेकर गांव के कुछ लोग उनके घर वालों का उपहास करते थे। रविवार को वह घर पर नहीं थे, पत्नी उपले थाप रहीं थीं। छोटा पुत्र घर से कुछ दूरी पर एक खोखे के पास और जबकि बड़ा पुत्र सुनील घर के दरवाजे पर खड़ा था। इसी बीच गांव के तीन लोग उधर से गुजरे और सुनील की उपहास करने लगे। जब सुनील ने विरोध किया तो तीनों आरोपी उसके साथ गालीगलौज करने लगे और 12 बोर के देशी तमंचे से सुनील पर गोली चला दी। छर्रे माथे पर लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देकर हमलावर भाग निकले। गोली चलने की आवाज पर पत्नी, छोटे पुत्र के अलावा आसपास के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर एसओ के साथ मौके पर पहुंचे सीओ बीपी सिंह ने घर वालों और ग्रामीणों से घटना की बाबत जानकारी ली। पुलिस ने मौके पर पड़ा तमंचा कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कार्यवाहक एसओ सत्यपाल सिंह ने बताया कि मृतक के पिता रामकिशोर की तहरीर पर गांव के ही मंगूलाल, फकीरे और भाईलाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
फिंगर एक्सपर्ट ने जुटाए साक्ष्य
जिला मुख्यालय से आई फील्ड यूनिट की टीम ने तमंचे के बट पर मौजूद फिंगरप्रिंट लिए और घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
अविवाहित था सुनील
सुनील की मौत से उसके परिवार में चीखपुकार मच गई। मृतक अविवाहित था। वह मजदूरी कर अपने पिता का हाथ बंटाता था। पिता रामकिशोर, मां रामश्री, बहन छाया, जशोदा, भाई सुधीर, आशीष, आकाश, किशन स्वरूप और करन का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह सही है कि रेखा प्रकरण को लेकर कुछ लोग परिवार की उपहास बनाते थे। रविवार को भी तीनों आरोपियों ने सुनील की उपहास बनाई थी, लेकिन प्रथम दृष्टया मामला इससे आहत होकर आत्महत्या करने का लग रहा है। तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फील्ड यूनिट की जांच रिपोर्ट के बाद ही हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझ सकेगी। - बीपी सिंह, सीओ