शातिराना अंदाज में दिया घटना को अंजाम
तीन साल पहले नौकरी से निकाला गया था
दो दिन पहले खराब हुए थे सीसीटीवी
सात लाख की लूट करने में आरोपी अनिल मौर्य से ज्यादा समय नहीं लगाया। इससे एक बात स्पष्ट है कि वह पूरी प्लानिंग के साथ मिल में दाखिल हुआ था। पुराना कर्मचारी होने के कारण उसको कैश आदि की पूरी जानकारी पहले से ही थी। मात्र पंद्रह मिनट की घटना की दहशत मौजूदा कर्मचारियों के चेहरों पर घंटों बाद में दिखाई दे रही थी। उधर, मिल का सीसीटीवी खराब होने के चलते घटना उसमें कैद नहीं हो सकी।
आरोपी ने बेहद शातिराना अंदाज में अकेले अंजाम दिया। वह पूरी तैयारी से आया था। चूंकि उसे मिल की पूरी जानकारी थी इसलिए उसे आने और भागने में भी दिक्कत नहीं हुई। घनश्याम ने बताया कि आरोपी अनिल ने उनके यहां काफी समय काम किया था। तीन साल पहले उसकी शराब पीने और हुड़दंग करने की शिकायतें आने लगी थी, जिससे मिल का माहौल बिगड़ने लगा था। इसी को लेकर उसको तीन साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था। उसे मिल के बारे में काफी जानकारी थी। लूट के दौरान मिल कर्मचारी ब्रजलाल ने पुलिस को फोन करने के लिए मोबाइल निकाला था। जिस पर नजर पड़ते ही आरोपी ने तीनों कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। वह सभी के मोबाइल भी लूटने के बाद अपने साथ ले गया। उधर, मिल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं लेकिन घटना का ब्योरा उसमें कैद नहीं हो सका। मिल मालिक घनश्याम अग्रवाल ने बताया कि मिल में सीसीटीवी कैमरे शुरूआत से ही लगे हुए है लेकिन पिछले दो दिन से वे काम नहीं कर रहे थे। कैमरे में अचानक खराबी आ गई थी। इसे ठीक कराने के लिए कंपनी को सूचना दी गई थी।
घटना की तहरीर के आधार पर नामजद रिपोर्ट कराई जा रही है। आरोपी के घर और अन्य ठिकानों का पता लगाकर पुलिस दबिश दे रही है। एक रिश्तेदार को भी हिरासत में लिया गया है। घटना का शीघ्र खुलासा किया जाएगा।
- निर्मल कुमार विष्ट, सीओ सिटी