चंडीगढ़ से बरामद हुई महिला ने गैंगरेप और अपहरण की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। बीते दिनों वायरल हुए वीडियो में महिला के परिवार वालों ने उसे अपने बेटी बताते हुए उसके साथ गैंगरेप होने की बात कही थी। इस पर हरकत में आई पुलिस ने अपहरण और गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कर विवाहिता की तलाश शुरू कर दी थी। बरामद महिला का कहना है कि ऐसी कोई घटना उसके साथ नहीं हुई। शुक्रवार को महिला को कोर्ट में पेश कर उसका मेडिकल कराया गया।
महिला ने बताया कि वह शहर में शादी करना चाहती थी, लेकिन पिता ने उसकी इच्छा के बिना वर्ष 2007 में बदायूं जिले के एक गांव निवासी युवक के साथ शादी कर दी थी। पति चंडीगढ़ में नौकर करता था और वह गांव में रहती थी। पहली बेटी को जन्म देने के करीब पांच साल बाद वह भी अपने पति के पास चंडीगढ़ चली गई थी। उसने बताया कि जिस स्थान पर रहती थी उससे कुछ दूरी पर मोहाली (चंडीगढ़) निवासी गुरप्रीत उर्फ विक्की की मोबाइल शॉप भी थी। शॉप पर आने-जानेे के कारण उसके विक्की से प्रेम संबंध हो गए।
13 नवंबर 15 को वह पीलीभीत मायके आई थी। इस बीच उसने प्रेमी विक्की से मोबाइल पर बात कर योजना बनाई। योजना के मुताबिक 23 नवंबर को पिता और भाई ने उसे ससुराल जाने के लिए बस में बैठाया था। वह जब बरेली पहुंची तो भाई और बड़ी बहन के मोबाइल पर कॉल की और बदायूं वाली बस में बैठने की झूठी जानकारी दी थी। करीब साढ़े तीन बजे उसे दिल्ली जाने वाली जब बस मिली तो उसने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। रात करीब 10.30 बजे दिल्ली पहुंची। चंडीगढ़ पहुंचकर उसने विक्की को फोन कर बुलाया और उसके साथ मोहाली चली गई और वहीं रह रही थी।