जिला जेल में निरुद्ध तीन बंदी और एक सजायाफ्ता कैदी गुरुवार रात चादरों की
रस्सी के सहारे दीवार से उतर कर भाग निकले । इनमें एक औरेया, दो उरई और एक
झांसी का रहने वाला है। सभी कैदी हत्या, लूट, डकैती और बलात्कार जैसे
संगीन मामलों में शामिल हैं। सूचना पर डीएम और एसपी समेत वरिष्ठ अफसरों ने
जेल पहुंच कर जांच पड़ताल
की। अलर्ट के बाद जिला पुलिस की चार टीमें फरार
कैदियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
मामले में जेलर की तहरीर पर तीन बंदी रक्षकों व चारों फरार कैदियों के
खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। उधर डीआईजी जेल कानपुर रेंज व
एआईजी जेल लखनऊ भी उरई पहुंचे। उन्होने लापरवाही बरतने मे तीन
बंदी रक्षकों
को तत्काल सस्पेंड कर दस नए सिपाहियों की जेल में तैनाती के आदेश दे दिए।
गुरुवार रात जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई। जेल में निरुद्ध बंदी
जसवंत पुत्र रामधनी भुगनापुर थाना दिबियापुर, औरेया, ब्रजमोहन उर्फ कल्लू
श्रीवास पुत्र पन्नालाल ग्राम गढ़र कोतवाली उरई, ध्यानचंद्र उर्फ ध्यानू
पुत्र राजेंद्र सिंह पांचाल ग्राम मड़ोरा
कोतवाली उरई, मुन्ना उर्फ सुरेश
पुत्र फुंदीलाल नई बस्ती थाना समथर, झांसी जिला जेल की चहारदीवारी फांदकर
भाग निकले। फरार बदमाशों में एक मुन्ना उर्फ सुरेश पर नाबालिग के अपहरण व
बलात्कार का जुर्म साबित हो गया था। उसे 21 साल की कैद व दस हजार रुपये
जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। बाकी तीन बंदियों के मामले न्यायालय में
विचाराधीन हैं। पता चला है चारों बदमाशों ने चादरों को जोड़ कर रस्सी बनाई
और इसके सहारे दीवार से उतर कर भाग निकले। शुक्रवार सुबह गिनती के दौरान
चार कैदी कम मिलने से जिला जेल में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने काफी
तलाश की, लेकिन फरार बंदियों का कोई सुराग नहीं लगा। सूचना पाकर एडीएम आनंद
कुमार, एएसपी शकील
अहमद, सिटी मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना, सीओ सिटी
जंगबहादुर सिंह, शहर कोतवाल आलोक सक्सेना ने फोर्स के साथ जेल पहुंच कर
जांच पड़ताल की। करीब एक घंटे तक छानबीन करने के बाद सभी अफसर जेल के बाहर
उस जगह पहुंचे जहां बंदियों ने चादरें बांधकर जेल की दीवार के बाहर लटकाई
थीं। दोपहर दो बजे डीएम रामगणेश व एसपी एन कोलांचि
भी जांच करने जेल
पहुंचे। एसपी ने बताया चारों फरार बंदियों को गिरफ्तार करने के लिए जिला
पुलिस को अलर्ट कर चार टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों के प्रभारी कोंच,
कालपी, जालौन व उरई के सीओ को बनाए गए हैं। इन टीमों में महकमे के तेज
तर्रार पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। स्वाट टीम को भी लगाया गया है।
एएसपी शकील
अहमद को इन टीमों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इन टीमों ने
फरार कैदियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। उधर झांसी से
शाम चार बजे जिला जेल पहुंचे डॉग स्क्वायड ने फरार कैदियों का सुराग तलाशने
की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक घटना कीजानकारी मिलने पर डीजी जेल ने
जेलर को फोन पर फटकार लगाई । शाम
चार बजे डीआईजी जेल कानपुर रेंज कैप्टन
एसके पांडेय व एआईजी जेल लखनऊ रियाज अख्तर ने जेल पहुंच कर जांच पड़ताल की।
उन्होंने लापरवाही में तीन बंदी रक्षकों को तत्काल सस्पेंड कर दस नए
सिपाहियों की जेल में तैनाती के
आदेश दे दिए। उधर जेलर उदय प्रताप सिंह ने
कोतवाली में तहरीर देकर गुरुवार रात तैनात रहे बंदी रक्षकों विनोद तिवारी,
विनोद दीक्षित और भगवानदास शर्मा के खिलाफ धारा 232, 234 के तहत रिपोर्ट
दर्ज कराई। वहीं चारों फरार कैदियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है।