त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश योगेश चंद्र त्रिपाठी ने दहेज उत्पीड़न के कारण विवाहिता की आत्महत्या प्रकरण में आरोपी पति, सास और ससुर को दोषी पाकर सात वर्ष कैद और प्रत्येक को 15 हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।
थाना बिलसंडा के गांव लिलहर निवासी अजय पाल की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार वादी की बेटी ईश्वरवती की शादी दो साल पहले थाना बिलसंडा के ही नवदिया मरौरी निवासी चुन्नीलाल के बेटे पिंटू के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज में एक लाख रुपये व कार की मांग को लेकर ईश्वरवती को पति, ससुर और सास प्रेमवती ने 13 जून 2013 को जहर देकर विवाहिता को मार दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
प्रभारी डीजीसी काजी रिफाकत हुसैन फरहान ने गवाहों के बयान कराए। मामले की सुनवाई के बाद मामला विवाहिता के आत्महत्या का पाया गया। त्वरित न्यायालय के अपरसत्र न्यायाधीश योगेश चंद्र त्रिपाठी ने पति, सास व ससुर को दोषी पाकर सात वर्ष कैद और प्रत्येक को 15 हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।