पंजाब के लुधियाना से वापस लौटे उत्तराखंड के नानकमत्ता निवासी गुरुप्रीत सिंह का बैग तीन युवक जीआरपी थाना में चेक कराने के बहाने ले उड़े। बैग में 15 हजार रुपये की नगदी व कपड़े आदि थे। पीड़ित का दावा है कि उसने घटना की तहरीर जीआरपी को दी है, लेकिन जीआरपी पुलिस घटना की जानकारी होने की बात तो स्वीकार कर रही, लेकिन तहरीर मिलने की बात से साफ इंकार किया है।
उत्तराखंड के नानकमत्ता निवासी गुरुमीत पंजाब के लुधियाना में स्थित एक गुरुद्वारे में सेवादार हैं। वह लुधियाना से ट्रेन में सवार होकर बरेली पहुंचा और बरेली से ट्रेन से पीलीभीत आया था। पीड़ित गुरुमीत सिंह के मुताबिक वह रेलवे स्टेशन के पीछे खड़ा था। इसी बीच उसके पास एक युवक आया और पूछा कहां के रहने वाले हो। इस पर उसने नाम-पता आदि बता दिया। इसी बीच एक युवक और पहुंचा, जिससे आरोपी ने कहा कि यह अपने यहां के ही रहने वाले हैं। तीनों बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान बाइक से एक युवक पहुंचा। उसने पहले पहुंचने वाले युवक से बाइक से नानकमत्ता चलने को कहा। जिस पर गुरुमीत ने उससे लिफ्ट मांगी। लिफ्ट देने से पहले तीनों युवकों ने कहा कि चेकिंग अधिक चल रही है। अगर बैग में पैसे हो तो उसे गिनकर बैग में ही रखकर जीआरपी थाना पर बैग चेक करा लो। तीनों जालसाजों ने अपने एक साथी को खुद का बैग देकर उसे चेक कराने जीआरपी थाना भेजा। कुछ देर बाद वह बैग समेत वापस आ गया। उसमें से एक युवक ने झांसे में लेकर गुरुमीत का बैग ले लिया और चेक कराकर आने की बात कही। बैग चेक कराने गया युवक काफी देर तक वापस नहीं लौटा। जिसे देखने के बहाने दोनों युवक एक-एक कर बाइक समेत भाग निकले। इस पर गुरुमीत को अपने साथ धोखाधड़ी होने का शक हुआ तो वह जीआरपी थाना पहुंचा और घटना की जानकारी दी। पीड़ित ने जीआरपी को लिखित तहरीर दी है, लेकिन जीआरपी एसओ राघवेंद्र सिंह ने तहरीर मिलने से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि एक युवक आया था। उसने घटना बताई थी। उससे तहरीर लिखकर लाने को कहा गया था, लेकिन वह दुबारा नहीं आया। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।