जिले में बकरी पालन को आई 24 लाख की योजना में तत्कालीन मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कुमार मलिक ने बड़े पैमाने पर गोलमाल किया। डीएम ने इसकी जांच कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इस पर शासन ने सीवीओ डॉ. विजय कुमार मलिक को सस्पेंड कर दिया है।
बार्डर इलाके में बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्ष 24 लाख की योजना लागू की गई थी। इसके तहत 60 लाभार्थियों का चयन कर 40-40 हजार रुपये की लागत से बकरी पालन यूनिट स्थापित की जानी थी। मगर इसमें बड़े पैमाने पर गोलमाल किया गया। शिकायत मिलने पर तत्कालीन डीएम ओएन सिंह ने पीडी आरबी भास्कर से मामले की जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन सीवीओ ने लाभार्थियों का चयन बिना किसी समिति बनाए स्वयं ही कर लिया। शारदा पार क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के 57 लोगों का चयन कर उनके नाम एक ही तारीख में 40-40 हजार के चेक काट दिए। जांच में यह बात भी सामने आई कि लाभार्थी को चेक देने के बदले आधी से ज्यादा रकम वापस ले ली गई। इससे बकरी पालन योजना केवल कागजों तक की सीमित रह गई। डीएम ने आरोपी सीवीओ के निलंबन और योजना की धनराशि की रिकवरी करने की संस्तुति करके शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इस बीच सीवीओ का स्थानांतरण सोनभद्र हो गया। अब शासन ने तत्कालीन सीवीओ डॉ. विजय कुमार मलिक को सस्पेंड कर आदेश सोनभद्र भेज दिया है। इसका पता लगने पर विभाग में खलबली मची हुई है। संबंधित कर्मचारी अपनी गर्दन फंसने की आशंका से भयभीत है। कार्यवाहक सीवीओ डॉ. अवतार सिंह घुम्मन ने बताया कि डॉ. मलिक के सस्पेंड होने की जानकारी मिली है, लेकिन कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।