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डिलीवरी के बाद महिला की मौत पर हंगामा

Wed, 31 Aug 2016 11:31 PM IST
पीलीभीत, ब्यूरो
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डिलीवरी के दूसरे दिन महिला की निजी अस्पताल में मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिवारवालों ने अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर स्टाफ से नोकझोंक भी हुई। हंगामे की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर भीड़ को शांत कराया। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना को लेकर अस्पताल गेट पर भीड़ लगी रही। एहतियातन पुलिस फोर्स को अस्पताल गेट पर तैनात रखा गया। 
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नकटादाना सरकारी कालोनी के निवासी हरिओम श्रीवास्तव सिटी मजिस्ट्रेट का गाड़ी चालक है। उसकी 30 वर्षीय पत्नी मंजूदेवी को मंगलवार शाम को माधोटांडा रोड स्थित कुसुम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसे रात को सामान्य डिलीवरी से बेटे का जन्म हुआ था। परिवारवालों के अनुसार महिला की हालत बिल्कुल ठीक थी। सुबह उसको छुट्टी देने की बात कही गई थी। दोपहर एक बजे दवाइयां मिलाकर ग्लूकोज की बोतल लगा दी। ग्लूकोज चढ़ने के कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ी, जिसके बाद उसको चिकित्सक ने एक अन्य निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिवारवाले महिला को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों का आरोप है कि महिला की पहले ही मौत हो चुकी थी। शव लेकर परिवारवाले वापस कुसुम अस्पताल आ गए, जहां दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ। संतोषजनक जवाब न मिलने पर परिवारवालों की अस्पताल स्टाफ से भिड़ंत शुरू हो गई। अस्पताल के अधिकांश कर्मचारी घटना से पल्ला झाड़कर खिसकने लगे। सूचना मिलते ही सुनगढ़ी इंस्पेक्टर अतुल प्रधान, एसएसआई मनोज कुमार त्यागी पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंच गए। पीड़ित पक्ष से मामले की जानकारी की गई। कार्रवाई का आश्वासन देकर भीड़ को हटाया गया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 

सिटी मजिस्ट्रेट ने दिए जांच के निर्देश
घटना की जानकारी लगते ही सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा ने कार्रवाई शुरू कर दी। घटना को दुखद बताते हुए उन्होंने पुलिस बल को मौके पर भेज दिया। इसके बाद महिला सीएमएस को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए है। सीएमएस की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 
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नवजात को लेकर हर कोई चिंता में 
एक बच्चे के लिए जन्म के बाद कई महीनों तक उसकी मां ही सब कुछ होती है। उसी पर उसका विकास और जीवन निर्भर होता है। सभी के मन में चिंता है कि एक दिन का नवजात बिना मां के कैसे पाला जाएगा। उधर, पिता बनने की खुशी हरिओम के चेहरे पर साफ झलक रही थी। लेकिन दूसरे ही दिन पत्नी की मौत से माहौल गमगीन हो गया। 

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अस्पताल की चिकित्सक के खिलाफ पीड़ित की ओर से तहरीर दी गई है। इसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अफसरों को घटना की जानकारी दे दी गई है। 
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- अतुल प्रधान, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी
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