जिला पंचायत सदस्य तुलसी उर्फ शबनम पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे
चुनाव लड़ने का आरोप है। इस मामले में जिला पंचायत सदस्य उसके पति व
तहसीलदार सदर सहित पांच पर धोखाधड़ी के रिपोर्ट करने हेतु सीजेएम सुनील
कुमार सिंह की अदालत में अर्जी दी गई है।
शहर निवासी अधिवक्ता एमएल
वर्मा ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि शबनम उर्फ तुलसी पत्नी बदरूल हसन
गांव भिकारीपुर थाना सुनगढ़ी के पते से जिला पंचायत वार्ड 16 से चुनाव लड़ी
हैं। तुलसी मूलरूप से विदेश (नेपाल) की रहने वाली हैं। इस्लाम धर्म कबूल
कर अपना नाम शबनम रख लिया है।
भारतीय नागरिकता के बगैर वह भारत में रह रही
हैं। बीते ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव वह पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र
बनवाकर लड़ी थी और एक वोट से हार गई थीं।
अल्पसंख्यक विभाग से पिछड़ी
जाति का प्रमाणपत्र दाखिल कर 2013 में तीस हजार रुपये की सहायता भी प्राप्त
की। इस बार खुद को धोबी (अनुसूचित) बताकर सही तथ्यों छिपाकर अनुसूचित जाति
का प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया। यह प्रमाणपत्र बनवाने में तुलसी, उसके
पति, हल्का लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार इंद्राकांत द्विवेदी की मिलीभगत
है।
विदेशी महिला का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने की खबरें समाचार पत्रों में
भी छपी हैं।
कोर्ट में बताया गया कि पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज
नहीं की। एसपी ने भी कार्रवाई नहीं की। सीजेएम सुनील कुमार सिंह की कोर्ट
में अर्जी दी गई है। इसमें सुनवाई के लिए 10 नवंबर की तारीख लगी है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भेजी शिकायत
पीलीभीत।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष और वार्ड नंबर 16 से चुनाव लड़े डॉ. डोरीलाल वर्मा
ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखित शिकायत भेजी है।
इसमें उन्होंने कहा कि
शबनम उर्फ तुलसी नामक विदेशी महिला ने कूट रचित प्रमाणपत्र बनवाकर चुनाव
लड़ा है। इस पर आपत्ति भी दी गई, लेकिन जिला प्रशासन ने इसे नहीं सुना।
प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है।