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पहले हुई घटनाओं पर भी नहीं चेती हजारा पुलिस

Sat, 24 Oct 2015 11:26 PM IST
Pilibhit
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थाना हजारा में पुलिस-पब्लिक के बीच झड़प, मारपीट और पुलिस चौकी में तोड़फोड़-आगजनी की घटना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी पुलिस चौकी कंबोजनगर में आगजनी और थाना हजारा में तोड़फोड़ चुकी है। अगर पुलिस पिछली घटनाओं को गंभीरता से लेती और कड़ी कार्रवाई के साथ पब्लिक के प्रति अपना रवैया बदलती तो यह तीसरी घटना नहीं होती।
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शारदा पार स्थित थाना हजारा नेपाल सीमा से सटा है। पूरनपुर-धनाराघाट मार्ग का अस्थाई पीपों का पुल बरसात में बंद हो जाता है। इससे हजारा पहुंचने के लिए खीरी जिले से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे लोगों को 15 किलोमीटर के स्थान पर 200 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है। अधिक दूरी और रास्ता खराब होने के कारण जिले के अफसर छह-छह महीने तक थाने नहीं पहुंचते। पुलिस सूत्रों की मानें तो सीओ, एएसपी तिमाही, छमाही मुआयना अधिकतर अपने दफ्तरों पर ही बैठकर कर लेते हैं। यह हाल तब है जब नेपाल सीमा होने के कारण थाना हजारा काफी संवेदनशील है। पुलिस अधिकारियों के थाना न पहुंचने का लाभ पुलिसकर्मी उठाते हैं और ग्रामीणों का जमकर शोषण कर उनसे अवैध वसूली करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि वह चाह कर भी पुलिसकर्मियों की करतूतों की शिकायत जिला मुख्यालय करने नहीं जा पाते। यही वजह है कि क्षेत्र में जनता और पुलिस के बीच टकराव की स्थित रहती है।

डबल मर्डर पर थाने में हुई थी तोड़फोड़  
सात जनवरी 2007 में जिला पंचायत सदस्य अकाल रत्न फार्म निवासी बलजीत सिंह मान और उसके साथी कबीरगंज निवासी जगराम की कबीरगंज निवासी कुछ लोगों ने थाने में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उग्र भीड़ ने थाने में जमकर बवाल किया था और तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने कबीरगंज निवासी इकबाल सिंह, हरदेव सिंह, जगजीत सिंह उर्फ जग्गा समेत पांच के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया था। ग्रामीणों पर दर्ज किए गए बवाल और तोड़फोड़ के मामले में बाद में पुलिस ने एफआर लगा दी थी। इस मामले में तत्कालीन एसओ समेत तीन लोग बर्खास्त किए गए थे।
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कंबोजनगर चौकी में भी हुई थी आगजनी
आठ फरवरी 15 को एक फरार आरोपी को पकड़ने गई पुलिस और पब्लिक के बीच टकराव हो गया था। जिस पर ग्रामीणों ने कंबोजनगर चौकी में तोड़फोड़ कर आग लगा दी थी। पुलिस की जीप पलट दी थी। इस मामले में पुलिस ने 11 नामजद और 60-70 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में पुलिस सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

थानेदार से लेकर सिपाही तक करते हैं मौज
थाना हजारा की सीमा खीरी जिले से जुड़ी है। नेपाल बार्डर होने के कारण थाना क्षेत्र के भीतर कई एसएसबी चौकियां हैं। ग्रामीणों बताते हैं कि एसओ दिन में भी कभी-कभार गश्त पर निकलते हैं। सिपाही क्या कर रहे हैं? क्षेत्र में क्या हो रहा है। अवैध धन उगाही के आगे पुलिस को इससे कोई मतलब नहीं रहता है। सीमा क्षेत्र में एसएसबी के तैनात होने के कारण पुलिस अपराधों की रोकथाम पर कम और अवैध वसूली में अधिक ध्यान देती है।
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