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हादसे में रोडवेज के संविदा चालक की मौत

Fri, 28 Oct 2016 10:47 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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हादसे में रोडवेज के संविदा चालक की मौत - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
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माधौटांडा रोड पर सड़ा गौटिया गांव के पास धान लदी ट्रैक्टर ट्राली ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार रोडवेज के संविदा चालक 25 वर्षीय धर्मेंद्र पुत्र पूरनलाल की मौके पर मौत हो गई। शोर सुनकर एकत्र हुई भीड़ ने चालक को मय ट्रैक्टर -ट्राली पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
गजरौला थाना क्षेत्र के कल्यानपुर नौगवां निवासी 25 वर्षीय धर्मेंद्र पुत्र पूरनलाल रोडवेज में संविदा चालक थे। गुरूवार रात ड्यूटी निपटाकर धर्मेंद्र बाइक से घर के लिए निकला। माधौटांडा रोड पर सड़ा गौटिया पुलिया के पास पहुंचते ही सामने से आ रही धान लदी ट्रैक्टर ट्राली ने बाइक को टक्कर मार दी। जिसमें बाइक सवार युवक की मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर ट्राली लेकर भागने लगा, लेकिन आसपास के लोगों ने पीछा कर धर दबोचा। इसकी सूचना सूचना पुलिस को दी गई। जिस पर इंस्पेकटर सुनगढ़ी योगेंद्र पाल शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। भीड़ को सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। चालक और ट्रैक्थ्टर ट्राली कब्जे में लेने के बाद शव को जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी में रखवा दिया। पर्स में कागजात के आधार पर शिनाख्त कर परिवारीजनों को सूचना दी गई। जिस पर कुछ ही देर में परिजन भी आ गए। शुक्रवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से पकड़े गए ट्रैक्टर ट्राली चालक ने अपना नाम जहानाबाद के सहगमा नगरिया गांव निवासी नन्हेशाह बताया है। 
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ट्रैक्टर ट्राली छोड़ने के शक पर किया हंगामा
हादसा करने वाली ट्रैक्टर ट्राली को सुनगढ़ी पुलिस ने थाना गेट पर खड़ा करा दिया था। जिसके बाद देर रात पुलिस ट्रैक्टर ट्राली को आसाम चौकी पर खड़ा करने के लिए ले जाने लगी। इस पर पीड़ित पक्ष को ट्राली छोड़ने का शक हुआ। जिस पर मृतक के संग के रोडवेज कर्मियों ने हंगामा शुरू कर दिया। जिसके चलते नौगवां चौराहा से वापस कर ट्रैक्टर ट्राली दुबारा थाना गेट पर खड़ी करा दी गई। 
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त्योहार पर मातम में बदल गया खुशनुमा माहौल 
हादसे में जान गंवाने वाला धर्मेंद्र तीन भाईयों में सबसे बड़ा था। करीब छह साल पहले उसके छोटे भाई वीरपाल की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी और गुरुवार रात को उसकी भी हादसे में जान गई। अब इकलौता भाई सुरेंद्र बूढ़े माता -पिता का सहारा है। बहन गायत्री की एक साल पहले शादी हो गई। इधर धर्मेंद्र की मौत के बाद उसकी अपनी गृहस्थी भी बिखर गई है। पत्नी आशा के कांधों पर डेढ़ साल के बेटे विवेक की जिम्मेदारी आ गई है। धनतेरस, दीपावली जैसे खुशियों के त्योहार पर उसकी मौत की खबर से पूरे परिवार में मातम छा गया है। जिस घर में दीपावली की तैयारियां की जा रहीं थी, अब वहां मातमी सन्नाटा पसरा है। सीधे स्वभाव को लेकर उसका हर किसी से संबंध मधुर थे। उसकी मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर ऐसा देखने को भी मिला। रिश्तेदारों के अलावा गांव के  अधिकांश लोग दुखद घड़ी में परिवारीजनों के साथ खड़े दिखाई दिए। मां ओमशीला और पत्नी आशा का रो-रोकर बुरा हाल था। हर कोई नम आखों के बीच पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाने में लगा रहा। 
 
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