अदालत से मांगी गई आख्या लगाने के नाम पर पुलिस द्वारा मांगे गए 20 हजार रुपये देने से इंकार करना गांव भैंसहा सतरापुर निवासी रमेशचंद्र को महंगा पड़ गया। मोबाइल पर जिरौनिया चौकी इंचार्ज अशोक कुमार ने उसे गालियां देते हुए धमकी दी है। पीड़ित ने अपना दुखड़ा सपा विधायक हेमराज वर्मा को सुनाया तो वह उसे अपने साथ लेकर एएसपी से मिले और तहरीर दिलाई। पीड़ित ने आडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई है। एएसपी ने विधायक के सामने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दे दिया, लेकिन बाद में पीड़ित के मिलने की बात से मुकर गए।
गांव भैंसहा सतरापुर निवासी रमेशचंद्र ने अमर उजाला को आडियो रिकार्डिंग सुनाई और बताया कि उसके भाई सुरेश चंद्र की पत्नी ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र उसके खिलाफ धारा 156 (3) के तहत दिया था। अदालत ने चौकी इंचार्ज जिरौनिया से आख्या मांगी थी। आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने मामले को खत्म करने के लिए उससे 20 हजार रुपये मांगे थे।
रुपये न देने पर जमीन पर दूसरे का कब्जा कराने की धमकी दी। 16 सितंबर को वह घर पर नहीं था। इसी बीच चौकी इंचार्ज उसके घर घुस आए और तोड़फोड़ की। घर वालों ने उन्हें मामले की जानकारी दी। इसी बीच दरोगा ने उनके मोबाइल पर फोन कर कहा कि कहां है तू..। बाहर होना बताने पर दरोगा ने खूब गालियां दी। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उसने सारी घटना सपा विधायक हेमराज वर्मा को बताई। फिर उनके साथ एएसपी के आवास जाकर सुधीर कुमार सिंह से मुलाकात कर प्रार्थनापत्र व आडियो क्लिव सौंपी थी।
पीड़ित का आरोप है कि एएसपी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। विधायक हेमराज वर्मा ने भी इसकी पुष्टि की। इधर एएसपी ने साफ तौर पर कहा कि उनके पास संबंधित चौकी इंचार्ज के संबंध में इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत आती है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मेरे पास रमेशचंद्र आया था। काफी डरा हुआ था। मोबाइल पर दरोगा ने उसे काफी गालियां दी थी व धमकाया था। उसकी आडियो रिकार्डिंग उसने सुनाई थी। इसके बाद मैं अपने साथ उसे लेकर एएसपी के पास उनके आवास पर मिला था। उन्होंने जांच करा कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था।
- हेमराज वर्मा, विधायक