दिल्ली के मोहन गार्डेन निवासी जलधारा की हत्या मामले में पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। मृतका के मोबाइल की एक माह तक की निकाली गई कॉल डिटेल में पुलिस ने महज नौ नंबर ऐसे चिह्नित किए हैं, जिनसे जलधारा की मौत का राज खुलने की पुलिस को पूरी संभावना है।
12 अगस्त को दिल्ली के मोहन गार्डेन निवासी जलधारा का शव थाना जहॉनाबाद क्षेत्र में शाही रेलवे क्रासिंग के निकट झाड़ियों में मिला था। उसकी गला घोटकर हत्या की गई थी। वह 10 अगस्त को दिल्ली में घर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए निकली थी। पुलिस ने मृतका का मोबाइल नंबर ट्रेस कर कॉल डिटेल और उसका लोकेशन निकाला था। एक माह की कॉल डिटेल में उसके मोबाइल पर करीब ढाई सौ कॉले मिलीं।
11 अगस्त की शाम छह बजे तक उसकी लोकेशन भी डासना (गाजियाबाद) में पाई गई। पुलिस ने कॉल डिटेल से नौ नंबर ऐसे चिन्हित किए हैं। जिन नंबरों से 10 अगस्त की सुबह से 11 अगस्त की शाम छह बजे तक बात हुई है। पुलिस यह नंबर किसके हैं और इन नंबरों पर आईडी किसकी लगी है? आदि खंगालना शुरू कर दिया है।
सीओ निर्मल कुमार विष्ट ने माना चिह्नित किए गए नौ नंबरों के बीच में ही जलधारा की हत्या का राज छुपा है। उन्होंने बताया कि नंबरों की आईडी आदि की जांच की जांच कराई जा रही है।