असम चौराहा से लिफ्ट देकर वाहन में बैठाने के बाद थाना बरखेड़ा क्षेत्र की एक दलित महिला के साथ किए गए सामूहिक बलात्कार के मामले में सुनगढ़ी पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ सामूहिक दुराचार की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने महिला का मेडिकल परीक्षण कराया है।
थाना बरखेड़ा क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित महिला ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा है कि पांच मार्च 2016 को वह अपने किसी काम से शहर आई थी। शाम को घर लौटने के लिए वह असम चौराहा पर खड़ी वाहन का इंतजार कर रही थी। तभी एक चार पहिया वाहन आया। वाहन में सवार लोग उसके गांव के ही थे। वाहन सवारों ने उसे यह कहते हुए कि बैठा लिया कि उसे घर छोड़ देंगे। गांव के लोग होने के कारण वह विश्वास में आकर बैठ गई। पीड़िता का आरोप है कि चालक ने जंगरौली नहर पटरी पर गाड़ी मोड़ दी। उसने जब विरोध किया तो गाड़ी में सवार अली मोहम्मद ने तमंचा निकाल लिया और उसकी कनपटी पर लगा दिया। शोरशराबा करने पर जान से मारने की धमकी दी, फिर सभी ने सामूहिक रेप किया। अस्मत लूटने के बाद आरोपी उसे जंगल में उतारकर वाहन समेत भाग निकले। वह किसी तरह से घर पहुंची और पति को घटना बताई। अगले दिन सुबह थाना सुनगढ़ी पहुंची और तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
एसपी से मिलकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की, लेकिन एसपी ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। इंस्पेक्टर अतुल प्रधान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पीड़िता के गांव के ही अली मोहम्मद, शाबिर और शफी मोहम्मद के खिलाफ एससीएसटी और गैंगरेप की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।