क्षुब्ध कर्मचारियों ने बंद किया काम, जान पहचान निकलने पर हुआ समझौता
सीएचसी में डॉक्टरऔर एक युवक में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। डॉक्टर ने युवक पर अभद्रता कर ओपीडी रजिस्टर फाड़ने और धमकाने का आरोप लगाया। वहीं, डॉक्टर से अभद्रता की जानकारी होने पर कर्मचारियों ने सीएचसी में ताला बंदी कर दी। इससे दोपहर के बाद मरीज और तीमारदारों को बैरंग लौटना पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की लेकिन दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
घटना मंगलवार दोपहर एक बजे की है। सीएचसी के डॉक्टर अभिनव पांडेय ने बताया कि मरीजों का परीक्षण कर रहे थे। भारी भीड़ और भीषण गर्मी की वजह से उन्होंने मरीजों को लाइन में लगने को कहा गया। इस पर युवक और डॉक्टर में कहासुनी शुरू हो गई। डॉक्टर का आरोप है कि युवक ने अभद्रता कर ओपीडी रजिस्टर फाड़ दिया। साथ ही उसे देख लेने की भी धमकी दी। डॉक्टर से अभद्रता पर कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। इससे सीएचसी पहुंचे मरीज और उनके तीमारदारों को बैरंग होना पड़ा। सूचना पर एसआई घनश्याम बहादुर सीएचसी पहुंचे। डॉ. अभिनव पांडेय से उन्होंने घटना की जानकारी ली और फटा रजिस्टर देखा। घटना को लेकर सीएचसी कर्मचारियों में रोष देखा गया।
प्रभारी कोतवाल मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि डॉक्टर और युवक दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। डॉक्टर से घटना की तहरीर देने को कहा गया, लेकिन दोनों पक्षों में समझौत हो जाने से तहरीर नहीं दी गई। तहरीर मिली तो कार्रवाई होगी। डॉ. अभिनव पांडेय ने बताया कि आरोपी पक्ष के गलती मानने और जान पहचान निकल जाने पर कार्रवाई नहीं की गई।