परिवहन आयुक्त एवं जिले के नोडल अधिकारी के रविंद्र नायक ने जिले के विकास
कार्यों का सत्यापन किया। निर्माण कार्यों में ईंट की क्वालिटी ठीक न होने
और रेशम कार्यालय में किसी अधिकारी कर्मचारी के न मिलने पर उन्होंने
नाराजगी व्यक्त की। शहर के बाद उन्होंने बरखेड़ा ब्लॉक के समग्र गांव
उमरिया पहुंचकर विकास कार्य देखे। यहां आंगनबाड़ी केंद्र न खुलने की शिकायत
पर उन्होंने प्रभारी सीडीपीओ और सुपरवाइजर को सस्पेंड करने के निर्देश
सीडीओ को दिए।
दो दिवसीय दौरे पर बृहस्पतिवार शाम परिवहन आयुक्त पीलीभीत
पहुंचे थे। शुक्रवार को सुबह वह नौ बजे जिला कारागार परिसर में बंदी
रक्षकों के लिए बनाए जा रहे आवास देखने पहुंचे। यहां कार्य जल्द पूरा कराने
के निर्देश अभियंता को दिए। यहां उन्हें ईंट की क्वालिटी अच्छी नहीं मिली।
इस पर उन्होंने सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद 10.15 बजे गन्ना भवन
पहुंचकर कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां फाइलों में नोट शीट न मिलने पर
उन्हें बाबुओं से प्रत्येक फाइल की नोट शीट बनाने के निर्देश दिए। गन्ना के
बाद रेशम कार्यालय पहुंचे, लेकिन यहां सूचना के बाद भी उन्हें अधिकारी
कर्मचारी नहीं मिले। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बुलाने पर एक बाबू पहुंचा।
इस पर उन्होंने सभी का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश सीडीओ को दिए। दोपहर
बाद परिवहन आयुक्त बरखेड़ा में नवनिर्मित सीएचसी भवन देखने पहुंचे।
उन्होंने कार्य की गुणवत्ता ठीक रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान
सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, डीडीओ एके सिंह चंद्रौल, मनरेगा उपायुक्त डॉ.
शिवाकांत द्विवेदी, पीडी आरबी भास्कर, कृषि उपनिदेशक एके सिंह, डीपीओ
राजकपूर, अधिशासी अभियंता नीरज कुमार सिंह, संजीव सिंह, जीवनराम यादव सहित
सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
समग्र गांव उमरिया का किया निरीक्षण
बरखेड़ा।
परिवहन आयुक्त ने ब्लॉक के ही गांव उमरिया पहुंचकर विकास कार्यों का
सत्यापन किया। यहां ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र न खुलने और पोषाहार
वितरण न होने की शिकायत की। उन्होंने वहां मौजूद प्रभारी सीडीपीओ जैबुलनिशा
और सुपरवाइजर माधुरी से जवाब मांगा, लेकिन दोनों संतोषजनक उत्तर नहीं दे
सकीं। इस पर उन्होंने दोनों को सस्पेंड करने के निर्देश सीडीओ को दिए।