खटीमा की एक अदालत में पेश होकर जिला जेल लाए जा रहे बंदी कुलदीप सिंंह व
उसका पुत्र राजवीर कचहरी के पास अभिरक्षा में लगे सिपाहियों को गच्चा देकर
फरार हो गया। सिपाहियों ने कुलदीप को दौड़ाकर पकड़ लिया, लेकिन राजवीर
भागने में सफल रहा। एसपी ने अभिरक्षा में लगे तीनों सिपाहियों को सस्पेंड
कर दिया है।
थाना अमरिया के गांव बरादुनवा निवासी कुलदीप व उसका पुत्र
राजवीर चोरी के मामले में जिला जेल में बंद था। मंगलवार को उसकी खटीमा की
एक अदालत में पेशी थी। बंदी पिता-पुत्र को पुलिस लाइंस में तैनात हेड
कांस्टेबल रामभरोसे लाल, सिपाही हबीबुल्ला व हरीश कुमार की अभिरक्षा में
सुबह पुलिस लाइंस से खटीमा की एक अदालत में पेशी पर गए थे। मंगलवार की देर
शाम सिपाही दोनों को लेकर रोडवेज बस से वापस लौटे और कचहरी तिराहे पर बस से
उतरकर उन्हें पैदल जेल ले जा रहे थे। देर शाम करीब सवा नौ बजे विकास भवन
के सामने स्थित रोड पर बंदी कुलदीप ने शौच जाने को कहा। इसी बीच राजवीर ने
किसी तरह से अपना हाथ हथकड़ी से निकाल लिया और दोनों भागने लगे। सिपाहियों
ने कुलदीप को तो पकड़ लिया, लेकिन राजवीर हाथ नहीं लगा। सिपाहियों ने बंदी
के भागने की सूचना आरआई को दी। आरआई ओमपाल ने मामले की जानकारी अधिकारियों
को देकर राजवीर के फरार होने की सूचना वायरलैस सेट पर प्रसारित कराई।
पुलिस ने काफी देर तक खोजा लेकिन बंदी का कोई सुराग नहीं लग सका। एसपी जेके
शाही ने बताया कि तीनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सिपाही व
बंदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश सीओ को दिए गए हैं।