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अमीन की दहशत में  दिव्यांग की मौत

Thu, 16 Jun 2016 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
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हादसा - फोटो : pilibhit, beureu
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कोतवाली क्षेत्र के गांव साबेपुर निवासी 48 वर्षीय दिव्यांग अनोखे लाल की बीती रात संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि कर्ज वसूली के लिए जारी आरसी पर राजस्व विभाग के अमीन की धमकी की दहशत में उसकी मौत हुई है।  
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गांव साबेपुर निवासी सुंदर लाल ने बताया कि उनके गांव में शिव दिव्यांग स्वयं सहायता समूह गठित है। इस समूह में गांव के ही नन्हेंलाल अध्यक्ष, उनके दिव्यांग भाई अनोखे लाल कोषाध्यक्ष, यशोदा नंदन सचिव हैं। धर्मेंद्र कुमार और वेगराज सदस्य हैं। यह समूह वर्ष 2012 में ब्लाक कार्यालय के अधिकारियों ने गठित किया था और भैंस पालन के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा बीसलपुर से ढाई लाख रुपये का ऋण दिलवाया था। भैंस पालन में समूह को घाटा हो गया और सारा पैसा डूब गया। समूह बैंक का ऋण अदा नहीं कर पाया। 
यह ऋण बढ़कर तीन लाख रुपये हो गया। ऋण जमा न होते देख बैंक अधिकारियों ने करीब डेढ़ माह पूर्व डीएम के माध्यम से समूह की आरसी जारी करा दी। आरसी मिलते ही संग्रह अमीन वेदप्रकाश समूह के पदाधिकारियों पर ऋण अदा करने के लिए दबाव बनाने लगे। वेदप्रकाश ने सभी पांचों पदाधिकारियों को साठ-साठ हजार रुपये जमा करने को कहा। अन्य किसी पदाधिकारी पर अमीन के तगादे का कोई खास फर्क नहीं पड़ा। बताया जाता है कि अनोखेलाल पर अमीन के तगादे का काफी प्रभाव पड़ा। परिवार वालों के मुताबिक संग्रह अमीन ने 14 जून को अनोखे लाल के घर वालों को यह फरमान सुनाया था कि अनोखेलाल ने यदि बहुत जल्द पैसा जमा नहीं किया तो वह उन्हें गिरफ्तार कर तहसील परिसर स्थित राजस्व विभाग की हवालात में बंद कर देगा। बुधवार की रात लगभग 12 बजे अनोखेलाल की तबियत अचानक खराब हुई और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। 
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घरवालों का आरोप है कि संग्रह अमीन की धमकी से आहत अनोखेलाल की मौत हार्टअटैक से हुई है। घरवालों ने अनोखेलाल की मौत के लिए संग्रह अमीन को जिम्मेदार ठहराया है। गुरुवार को सुबह यह बात पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर उनके अधिकांश रिश्तेदार भी आ गए थे। दोपहर बाद गमगीन वातावरण में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अनोखे लाल की मौत से गांव साबेपुर के दिव्यांग अनोखेलाल की मौत हो जाने से उनके घर कोहराम मच गया। मृतक के भाई सुंदरलाल, जंत्री प्रसाद, बहन रामबेटी, पत्नी जमुना देवी, पुत्र गोविंद, पुत्री वंदना, विमला और ललिता का रोते-रोते  बुरा हाल हो गया है।

गांव साबेपुर के शिव दिव्यांग स्वयं सहायता समूह को वर्ष 2012 में भैंस पालन क रने के लिए ढाई लाख रुपये का ऋण दिया गया था। समूह वालों ने ऋण जमा नहीं किया, तभी करीब डेढ़ माह पूर्व आरसी जारी करा दी गई थी। चार दिन पूर्व दिव्यांग अनोखेलाल उनके पास आया था। तब उसे ऋण जमा कराने का सुझाव दिया था। 
- डीके रावत, मैनेजर बैंक ऑफ बड़ौदा

संग्रह अमीन वेदप्रकाश जारी आरसी के आधार पर अनोखेलाल के घर ऋण वसूल करने जरूर गया था, लेकिन उसकी अनोखेलाल से एक बार भी मुलाकात नहीं हुई। इसलिए धमकाने की बात कहना गलत है।
- नन्हेंलाल, तहसीलदार

मास्टर रजिस्टर दर्ज नहीं समूह
बीसलपुर। गांव साबेपुर के शिव दिव्यांग स्वयं सहायता समूह का ब्लाक कार्यालय के संबंधित अभिलेखों में जिक्र तक नहीं है। ब्लाक कार्यालय के स्वयं सहायता समूह पटल प्रभारी सगीर अहमद ने ब्लाक कार्यालय के मास्टर रजिस्टर का काफी गहनता से निरीक्षण किया, लेकिन उसमें इस समूह का कहीं कोई जिक्र नहीं मिला। सगीर अहमद का मानना है निवर्तमान पटल प्रभारी मास्टर रजिस्टर पर समूह को दर्ज करना भूल गए होंगे। 
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