फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाइक सवार को रौंदती हुई कार टेंपो से भिड़ी, दो लोगों की मौत

Wed, 28 Jan 2015 12:25 AM IST
बिलसंडा/पीलीभ्ाीत
विज्ञापन
विज्ञापन
बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर गांव मानपुर तिराहे के निकट अनियंत्रित एक कार बाइक चालक को रैंदते हुए टेंपो से जा टकराई। इस हादसे में बाइक चालक लोहा कारोबारी बिलसंडा निवासी 32 वर्षीय अजय गुप्ता व टेंपो चालक गांव पस्तौर निवासी 35 वर्षीय रामाधार की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि  बाइक सवार दूसरा युवक व कार चालक घायल हो गया। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन


एसओ राजेश यादव ने बताया कि कसबा बिलसंडा निवासी अजय गुप्ता अपने साथी कसबे के ही शोहराब शाह के साथ बीसलपुर से देर शाम वापस घर लौट रहे थे। उधर टेंपो चालक पस्तौर निवासी रामाधार बीसलपुर से सामान लेकर वापस आ रहा था। मानपुर तिराहा के पास बिलसंडा की ओर से जा रहे अनियंत्रित कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद बाइक के पीछे आ रहे टेंपो से जा भिड़ी।

इस हादसे में बाइक चालक अजय गुप्ता व टेंपो चालक रामाधार की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बाइक पर सवार शोहराब शाह व कार चालक घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को सीएचसी लाई। जहां डॉक्टरों ने अजय व रामाधार को मृत घोषित कर दिया। घायलों में कार चालक की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया है।
विज्ञापन


कार चालक के होश में न होने के कारण उसका नाम-पता नहीं ज्ञात हो सका। इधर घटना की सूचना मिलने पर मृतक के परिवार वाले सीएचसी पहुंच गए और शवों को देखकर उनमें चीखपुकार मच गई। एसओ ने बताया कि तीनों वाहनों को कब्जे में लेकर कार चालक का नाम-पते की जानकारी की जा रही है।
अजय की मौत से बिखर गया घरौंदा
बिलसंडा। सड़क हादसे में मंगलवार को हुई अजय की मौत से उसका छोटा सा घरौंदा पूरी तरह से बिखर गया। उसके बूढ़े पिता व मां का इकलौता सहारा भी छिन गया। पिता पुत्तूलाल का रो-रोकर बुरा हाल है। 17 वर्ष पूर्व बड़े बेटे रामकुमार और बहू सुनीता देवी की घर ही में आगजनी से  मौत हो गई थी।

घर के लोग इस जख्म को भुला भी नहीं पाए थे, कि विधाता ने सड़क हादसे में बुढ़ापे की लाठी भी छीन ली। उसकी मां तारादेवी व पत्नी सुनयना पति की लाश पर दहाड़े मारकर विलाप कर रहीं थी। वह बार-बार सिर्फ यह कह रहीं थीं कि उसके पति ने क्या बिगाड़ा था जो विधाता ने उसे अपने पास बुला लिया। अजय की मौत से उसके तीन मासूम बच्चों की परवरिश की जहां समस्या पैदा हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें