पीलीभीत। लंबे समय से सिपाहियों की कमी से जूझ रही जिला पुलिस को कुछ राहत मिली है। मुरादाबाद में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जिले में 239 सिपाही पहुंच गए हैं। इन सभी को थानावार तैनाती दी जा रही है। ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि गश्त और टूट रही ड्यूटियों में सुधार हो सकेगा।
जिले के समस्त चौदह थानों की बात करें तो काफी समय से सिपाहियों की कमी का रोना बरकरार है। गश्त में आ रही कमी और पवन मोबाइल (गश्ती वाहन), पिकेट ड्यूटी समेत कई काम बाधित होने के पीछे अफसर स्टाफ कमी को अहम वजह बताते हैं। 2018 बैच के सिपाहियों का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब उनको जिले में तैनाती के लिए भेजा जा रहा है। जिले की पुलिस लाइन स्थित आरटीसी (रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर) में प्रशिक्षण पूरा कर 178 रिक्रूट पासिंग आउट परेड के बाद 26 जनवरी की शाम को लखनऊ रवाना कर दिए गए थे। इधर, मुरादाबाद में प्रशिक्षण पाकर रिक्रूट से सिपाही बने 239 की आमद जिले की पुलिस लाइन में हो गई है। सीओ लाइन धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि 185 पुरुष और 54 महिला सिपाही जिले को मिल गए हैं। इनको थानों में भेजा जा रहा है। इससे स्टाफ की समस्या में कुछ राहत मिलेगी। इनका छह माह का व्यवहारिक प्रशिक्षण होना है। इसलिए चार माह शहर के थानों में और दो माह की तैनाती ग्रामीण इलाकों के थानों पर की जाएगी।
10 दरोगाओं के कार्यक्षेत्र बदले
पीलीभीत। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने सोमवार को दस दरोगाओं के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर उनको नई तैनाती दी है। सुभाष चंद्र को शाही चौकी प्रभारी, सुनील कुमार शर्मा को थाना जहानाबाद, हरिशंकर यादव को चौकी प्रभारी शाहगढ़, अचल कुमार को भिखारीपुर चौकी प्रभारी, देवेंद्र सिंह को खकरा चौकी प्रभारी, रमेश चंद्र को कोतवाली सदर, सचिन शर्मा को चौकी प्रभारी जमुनिया, अनूप सिंह को कोतवाली बीसलपुर, लीलाधर चौहान को प्रभारी विशेष जांच प्रकोष्ठ, सुमन सिंधू को प्रभारी महिला सहायता प्रकोष्ठ पुलिस कार्यालय में तैनात किया गया है।