पीलीभीत। रोडवेज बस से चरस की बरामदगी करने के मामले को पुलिस ने नेपाल सीमा से सटा इलाका होने के बाद भी गंभीरता से नहीं लिया। दस दिन बाद भी पुलिस तस्कर का पता नहीं लगा सकी है। सिर्फ बरामगदी कर अफसरों की वाहवाही लूटकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
चूका स्पॉट से टनकपुर जा रही पीलीभीत डिपो की बस से 25 जून को माधोटांडा पुलिस ने सीट के नीचे रखे एक बैग से साढ़े तीन किलो चरस बरामद की थी। छानबीन के दौरान चरस की उत्तराखंड और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में सप्लाई की बात सामने आई। दो महिलाओं को लेकर भी संदिग्धता उजागर हुई। अधिकारियों ने आधी-अधूरी कार्रवाई पर थाना पुलिस की पीठ थपथपाई और तस्करों को जल्द पकड़ने का दावा किया। घटना को दस दिन बीत चुके है। बार्डर इलाके में तस्करी से जुड़ा मामला होने के बाद भी अफसर से लेकर मातहत लापरवाह बने हैं। न तो आज तक सुरागरसी को ठोस कदम उठाए गए, न ही संदिग्ध के तौर पर प्रकाश में आई महिलाओं का पता लगाया जा सका। सीओ पूरनपुर अनुराग दर्शन ने बताया कि किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही। प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई कहां तक पहुंची। इसको लेकर माधोटांडा पुलिस से जानकारी की जाएगी। बार्डर क्षेत्र में चेकिंग और गश्त गंभीरता से की जा रही है।