अज्ञात कारणों के चलते गांव काजरभोजी निवासी 35 वर्षीय मीना देवी और उसकी मां 73 वर्षीय सावित्री देवी ने मंगलवार शाम जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। परिजनों ने मीना देवी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। जबकि जिला अस्पताल से सूचना मिलने पर बरखेड़ा पुलिस ने बुधवार को मां के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने किसी तरह के विवाद या रंजिश से इंकार किया। जिसके चलते मां-बेटी के एक साथ जान देने के पीछे कारणों का पता नहीं लग सका है। फिलहाल मामला पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के काजरभोजी गांव निवासी बाबूराम कोटेदार हैं। उनके तीन बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा सुरेश गांव में पिता के साथ पुराने मकान में रहता है। मझला बेटा नरेश बीसलपुर और छोटा बेटा मुकेश बरेली रहता है। बेटी मीना देवी का करीब 15 साल पहले तलाक हो गया था, जिसके बाद से वह गांव के बाहर स्थित नए मकान में अपनी मां सावित्री देवी के साथ रहती थी। मंगलवार शाम को मां-बेटी ने अज्ञात कारणों के चलते घर पर रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। शाम करीब पांच बजे मां सावित्री ने अपनी छोटी बहन शकुंतला को दोनों के जहर खा लेने की बात फोन पर बताई। जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में परिजन मौके पर पहुंच गए। मकान के भीतर मां-बेटी बेसुध हालत में पड़ी मिली। उनको आनन-फानन में परिजन इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने मीना देवी को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने मीना देवी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इधर, इलाज के दौरान मां सावित्री देवी की भी मौत हो गई। जिला अस्पताल प्रशासन से भेजे गए मेमो के जरिए पुलिस को सूचना हुई। बुधवार सुबह बरखेड़ा पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। परिजनों से बातचीत कर सावित्री देवी के शव को पीएम के लिए भेज दिया। मां-बेटी की मौत के बाद से परिवार में चीख पुकार मची हुई है।
काजरभोजी गांव में मां-बेटी ने जहर खाकर जान दे दी है। बेटी के शव का परिजन पहले ही अंतिम संस्कार कर चुके हैं। जबकि मां के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कारणों को लेकर परिजन कुछ भी बता नहीं पा रहे। मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। मनोज कुमार त्यागी, थानाध्यक्ष बरखेड़ा